अल्मोड़ा: उत्तराखंड में जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अल्मोड़ा के मझखाली में मौजूद राज्य जैविक कृषि प्रशिक्षण केंद्र को नए रूप में विकसित करने की तैयारी है।
सरकार की योजना इसे ऑर्गेनिक और नेचुरल फार्मिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित करने की है। इसके लिए आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं तैयार करने के उद्देश्य से करीब 12.31 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।

प्रस्तावित केंद्र में किसानों को खेती की तकनीक केवल कक्षा में समझाने के बजाय खेत में उसका व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। इसके लिए प्रदर्शन और प्रशिक्षण ब्लॉक विकसित किए जाने की योजना है।
यहां किसान जैविक और प्राकृतिक खेती की अलग-अलग तकनीकों को प्रयोग के जरिए समझ सकेंगे। कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
इसके अलावा जैविक उत्पादों की खरीद, भंडारण, बाजार तक पहुंच और बेहतर कीमत दिलाने के लिए सप्लाई चेन को मजबूत करने की योजना है। औषधीय-सुगंधित पौधों, फल-सब्जियों और अन्य उच्च मूल्य वाली कृषि गतिविधियों को भी योजना से जोड़ने की तैयारी है। केंद्र सरकार से मंजूरी और बजट मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।


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