
कुमाऊँ की ‘काशी’ का जानिए इतिहास, कैसे बना ‘व्याघ्रेश्वर’ से “बागेश्वर” शहर
उत्तराखंड में कुमाऊ की काशी के नाम से मशहूर बाबा बाघनाथ की धरती बागेश्वर में

उत्तराखंड में कुमाऊ की काशी के नाम से मशहूर बाबा बाघनाथ की धरती बागेश्वर में

1 “तुम टिके रहो, हौंसले के साथ . कि मुसीबत को जाना ही है. .

ये कहानी उस दौर के दूरदराज के स्कूल की है, जब आज की तरह साधन

हल्द्वानी आज न सिर्फ कुमाऊ का प्रवेश द्वार है बल्कि उत्तराखंड का दूसरा बड़ा शहर