
ठेठ पहाड़ी: फूलदेई ‘फुलसज्ञान’ में फोरियनी नानतिन
उत्तराखण्ड आपड़ लोकपर्वो लीजि पुर देशम जाणि जा, देवभूमिक कण कण में देवी देवता विराजमान

उत्तराखण्ड आपड़ लोकपर्वो लीजि पुर देशम जाणि जा, देवभूमिक कण कण में देवी देवता विराजमान

फूलदेई यानी फूल संक्रांति उत्तराखंड का पारंपरिक लोक पर्व है इसे गढ़वाल में फूल संक्रांत

लेकिन मैं यह चाहता था कि जब हम बहुत ज्यादा प्यासे हो तब इस कोल्ड्रिंग

उत्तराखंड में खानपान के बाद अगर मिठाई की बात होती है तो उसमें पहले नंबर

हम चिंणाग गांव होते हुवे आगे बढ़ने लगे , उसी गांव के एक बुजुर्ग से

यूं तो होली समूचे भारत में धूमधाम से मनाया जाने वाला त्यौहार है . जो

होली का हुड़दंग हो तो उसमें कुमाऊनी झोड़ा चाचरी ना हो ऐसा हो नहीं सकता,

बचपन की यादों को जोड़ता तोड़ता में अपने घर जाने के रास्ते को याद करने

गैरसैण मे जागर लाग रे.. औरी है ..रे..अमोरा ..अमोर. परमेश्वर भल करिया..भूड फान बेर..बाट मे

गुफाओं के नाम से मशहूर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की घाटी रहस्य और रोमांच से भरी