चम्पावत के प्रसिद्ध मां वाराही धाम देवीधुरा में आज आयोजित ऐतिहासिक बग्वाल मेले में आस्था, परंपरा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। पाटी ब्लॉक में स्थित मां वाराही धाम में सुबह प्रधान पुजारी द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ बग्वाल की शुरुआत हुई। इसके बाद चारों खाम, वालिक (सफेद), चम्याल (गुलाबी), गहड़वाल (भगवा) और लमगड़िया (पीला) के बग्वालियों का प्रवेश हुआ।
इस दौरान अलग-अलग रंगों के वस्त्रों और पगड़ियों में सजे योद्धाओं के हाथों में बांस और रिंगाल से बने ढाल थे, जिनसे वे एक-दूसरे के प्रहारों से बचते रहे। उनके आगमन के साथ ही शंखनाद गूंज उठा और मां के जयकारों के बीच बग्वाल का आगाज़ हुआ। आसमान में फलों और फूलों की बरसात ने दृश्य को अलौकिक बना दिया, जबकि श्रद्धालुओं की उत्साहभरी आवाज़ों से पूरा मैदान गूंज उठा।
इस वर्ष बग्वाल दोपहर 1:58 बजे शुरू होकर 2:05 बजे समाप्त हुई। सात मिनट चले इस अनूठे युद्ध में पत्थरों के स्थान पर फल और फूलों का प्रयोग कर परंपरा को जीवंत रखा गया। पीठाचार्य पंडित कीर्ति बल्लभ जोशी के अनुसार, फल-फूलों से खेली जाने वाली बग्वाल को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।


अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड : हल्द्वानी शुद्धीकरण मामले में बेंगलुरु में हुई जीरो FIR
देहरादून : इस तारीख से शुरू होगी केदारनाथ हेली सेवा
देहरादून :(बड़ी खबर) इन कर्मियों के वेतन के लिए 3 अरब की राशि जल्द होगी जारी
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का अलर्ट! 24 घंटे में 58 नए केस, कुल मरीज 271 पहुंचे
भारी बारिश में भी नहीं डिगा उक्रांद का हौसला, नौगांवखाल में 100 से ज्यादा लोगों ने थामा पार्टी का दामन
हल्द्वानी:(बड़ी खबर) नैनीताल जिले में कल भारी बारिश के चलते छुट्टी
लालकुआं : जिलाधिकारी के निर्देश पर गौला में SDM ने उतरवाई JCB,
CM धामी ने लॉन्च किया ऐसा ऐप, फसल की बीमारी भी पहचानने में करेगा मदद
उत्तराखंड के 9.91 लाख पेंशनधारकों को बड़ी राहत, CM धामी ने एक क्लिक में जारी किए 147 करोड़ रुपये
उत्तराखंड में यहां व्यू प्वाइंट से नीचे गिरा 20 वर्षीय युवक; अस्पताल में मौत ! 

