उत्तराखंड- जब 105 साल की दादी नेपाल से अपनी पेंशन लेने आई, दोनों देशों के रिश्तों में भरा नया रंग

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

उत्तराखण्ड से नैपाल सीमा में प्रवेश करने वाले धारचूला झूला पुल से 105 वर्षीय दादी को बरसात में पीठ पर लादकर पेंशन लेने आती तस्वीरों ने दोनों देशों के रिश्तों में रंग भर दिए हैं । नैपाली मूल की दादी भारत में रहकर सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो गई और अब वो लंबे समय बाद अपनी पेंशन लेने भारत पहुंची थी । इसी तरह गोरखा रेजिमेंट में सेवा देने वाले नैपाली भी हिंदुस्तान में अपनी पेंशन लेने आए ।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: रामनगर में चाकू और डंडों से हमला, इलाके में मचा हड़कंप

देहरादून- तीन IPS अधिकारियों के तबादले, कुंवर बने SSP यू एस नगर


कोरोना और फिर नैपाल के साथ क्षेत्र विवाद के बाद से ही बन्द पड़े आवाजाही के पुलों को ग्रह मंत्रालय और जिला प्रशासन के आदेशों के बाद चार घंटे के लिए खोला गया । पुल खुलने के बाद नैपाल में रहने वाले दर्जनों भारतीय पेंशनरों ने भारत आकर अपनी पेंशन निकाली जबकि इतने ही भारत में फंसे नैपाली वापस अपने वतन लौटे । तस्वीरों में आप साफ देख सकते हैं कि 105 वर्षीय दादी को पेंशन प्राप्त करवाने के लिए उनका नाती भूपेंद्र बिष्ट अपनी पीठ पर रखकर लाए । इस पूरे मामले में कस्टम और सीमा सुरक्षा बल की टीमों ने अहम भूमिका निभाई ।

यह भी पढ़ें 👉  मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी! अगले कई दिन उत्तराखंड में बरसेंगे बादल

नैनीताल जिले में वन नेशन वन कार्ड योजना शरू, ऐसे राशन कार्ड धारकों को मिलेगा लाभ

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: इन जिलों को मिली बड़ी सौगात, सीएम धामी ने विकास कार्यों के लिए जारी किए करोड़ों रुपये

इस आवाजाही पर पुलिस और गोपनीय विभाग की भी पैनी नजर रही । ए.डी.एम.के पत्र के बाद धारचूला, जौलजीवी और झूलाघाट के पुलों को 8, 9 और दस तारीख को खोला जा रहा है । इन पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य सेवा, सोशियल डिस्टेंसिंग और सैनेटाइजेशन की व्यवस्थाओं के लिए एस.डी.एम.को निर्देश जारी किए गए ।

देहरादून- (बड़ी खबर) 11 IFS अधिकारियों के तबादले रद्द

ADVERTISEMENTSAd Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें

3 thoughts on “उत्तराखंड- जब 105 साल की दादी नेपाल से अपनी पेंशन लेने आई, दोनों देशों के रिश्तों में भरा नया रंग

  1. ये बहुत ही बढ़िया समाचार है।इन कम्युनिस्टों का शासन सदा तो नहीं रहेगा। मित्र नेपाल की जनता से दिल सदा जुड़े रहेंगे।पर ओली जैसे नमकहराम ने रिश्तों में दाग तो लगा दिया।

Comments are closed.