उत्तराखंड कोरोनावायरस कोविड-19 की फैलते प्रसार को रोकने के लिए कोविड-19 करके की बदौलत सरकार रोजाना 8 से 10 हजार संक्रमित मामलों को नियंत्रण कर 2 से 3 हजार के पास लाने में कामयाब रही है लेकिन इस बीच रहस्यमई बीमारी ब्लैक फंगस ने फिर से सरकार और लोगों को टेंशन में डाल दिया है। यही नहीं ब्लैक फंगस के संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है जिससे हालात चिंताजनक है।
उत्तराखंड में अब तक ब्लैक फंगस बीमारी के 148 मामले सामने आ गए हैं जिसमें से 12 लोगों की मौत भी हो चुकी है जबकि 9 मरीज इलाज के बाद ठीक होकर डिस्चार्ज हुए हैं राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा 96 मामले एम्स ऋषिकेश में भर्ती है इसके अलावा हिमालयन हॉस्पिटल जौली ग्रांट में 19 दून मेडिकल कॉलेज में 9 मरीज इसके अलावा श्री महंत इंद्रेश अस्पताल में 7 मरीज भर्ती है। यही नहीं सरकार ने अब 12 कोविड-19 डेडिकेटेड हॉस्पिटल में भी ब्लैक फंगस के इलाज करने की तैयारी की है।
फिलहाल राज्य में ब्लैक फंगस बीमारी को खत्म करने वाले टीके की भी कमी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है उधम सिंह नगर में दवा कंपनी में ब्लैक फंगस की दवा बनने का काम शुरू हो गया है और अगले कुछ दिनों में 15000 इंजेक्शन की पहली खेप राज्य को मिल जाएगी।

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