Dehradun News- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारियों के बीच कार्यों का बंटवारा किया गया है। मुख्यमंत्री के छह पीआरओ अब अलग-अलग कार्य देखेंगे। जिसमें भाई राम पवार को मुख्यमंत्री के भ्रमण तथा समय आरक्षण की रूपरेखा के निर्धारण और सीएम आवास में कैंप कार्यालय में आने वाले आगंतुकों के साथ समन्वय संबंधित कार्य दिया गया है।
इसके अलावा गौरव सिंह को सांसद एवं विधायक व विभिन्न जनप्रतिनिधियों से समन्वय संबंधित कार्य और विभिन्न न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित होने वाली खबरों के अनुश्रवण का कार्य दिया गया है। इसी तरह राजेश सेठी को भाजपा एवं संघ पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने वह आर्थिक सहायता का कार्य देखने का काम दिया गया है।
वहीं जनसंपर्क अधिकारी प्रमोद जोशी को खटीमा विधानसभा से संबंधित सभी कार्य देखने का जिम्मा दिया गया है। इसके अलावा नंदन सिंह को मुख्यमंत्री के निजी कार्य एवं फोन अनुश्रवण की जिम्मेदारी मिली है । तथा मुलायम सिंह रावत को विभिन्न माध्यमों से आने वाली शिकायतों और सुझावों समाधान की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं दूसरी तरफ शासन ने 3 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया है आईएएस दिलीप जावलकर से स्थानीय आयुक्त नई दिल्ली का पदभार खत्म कर दिया है तो वही पंकज कुमार पांडे से सचिव राजस्व वापिस लिया गया है। जबकि बीवीआरसी पुरुषोत्तम को सचिव नियोजन तकनीकी शिक्षा एवं राजस्व तथा स्थानीय आयुक्त नई दिल्ली की जिम्मेदारी दी गई है।



अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड: देवभूमि से अवैध मजारों पर धामी सरकार के बुलडोजर की कारवाई जारी
उत्तराखंड : यहां धर्म बदलने पर अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निरस्त
हल्द्वानी :(दुखद) लालकुआं सड़क हादसा, कराटे कोच के इकलौते बेटे की मौत से मचा कोहराम
नैनीताल : प्राधिकरण बोर्ड बैठक, खुला नक्शे का खेल, एक परिवार के 4-5 अलग-अलग नक्शे
हल्द्वानी : नैनीताल से शिफ्ट होगा जिला पंचायत का ऑफिस
देहरादून: इस भर्ती परीक्षा की आई update
विजयपुर–पहाड़पानी मार्ग का सांसद अजय भट्ट ने किया निरीक्षण, पुल निर्माण का प्रस्ताव भेजने के निर्देश
हल्द्वानी के सरकारी अस्पतालों से डॉक्टरों के तबादलों पर विधायक सुमित हृदयेश ने जताई चिंता
उत्तराखंड के खिलाड़ियों की नौकरी बनी नई चुनौती, खेल करियर पर मंडराया संकट 
