उत्तराखंड : यहां नवोदय विद्यालय के छात्रावास में लगी आग,मची अफरा-तफरी

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  • नवोदय विद्यालय के छात्रावास में लगी आग,मची अफरा-तफरी, बच्चों ने भागकर बचाई जान।

गैरसैंण- गैरसैंण बाजार के समीप स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में आज सुबह लगभग 4 बजे के आसपास शार्ट सर्किट होने के कारण भयावाह आग लग गई।जिसके बाद मची अफरा-तफरी के बीच बच्चों को किसी तरह सुरक्षित निकालकर दूसरे भवनों में शिफ्ट किया गया।घटना में किसी भी बच्चे ओर अन्य स्टाफ को कोई नुकसान न होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली।

शुक्रवार सुबह चार बजे आवासीय स्कूल प्रबंधन के कर्मचारी ओर बच्चे जाग ही रहे थे की बगल के स्टोर रूम से धुंआ उठता देख मची अफरा तफरी के बीच अन्य बच्चों को नींद से जगाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।घटना की सूचना स्थानीय पुलिस,तहसील प्रशासन को भी दी गयी जिसके बाद मौके पर पंहुचे थाना गैरसैंण के पुलिस के जवान,फायर ब्रिगेड एसडीआरएफ ओर तहसील कर्मियों ने मौके पर पंहुच कर कडी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।विधालय में जनपद चमोली के विभिन्न विकासखंडों के लगभग 146 नौनिहाल यहां अध्ययनरत हैं।जानकारी के अनुसार बिल्डिंग हाल जो की टिन व फाइबर का बना हुआ है इस फैब्रिकेटेड हाल में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी है। हाल के कुल चार पार्ट बने हुए हैं जिसमे तीन कमरों में 40 बच्चे रात में सोते हैं।तथा चौथे कमरे में बच्चों के रजाई गद्दे बिस्तर किताबें,कपड़े तथा खेल सामग्री रखी हुई थी। बताया जा रहा है कि उसी स्टोर वाले कमरे में शार्ट सर्किट के कारण आगजनी शुरू हुई और पूरे फैब्रिकेटेड हाल में लग गई।जिससे पूरे विद्यालय में अफरा तफरी मच गई।

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ग़नीमत रही की अन्य कमरे आग पकड़ने से पहले सभी बच्चे कमरे ख़ाली कर बाहर भाग गये।आवासीय परिसर की प्रधानाचार्य आरती गुंसाई ने बताया की शार्ट सर्किट की वजह से आग लगी है जिसमें बच्चों की शैक्षणिक सामग्री सहित अन्य सामान नष्ट हो घटना में 5-6 लाख का नुकसान होने का अनुमान है।स्टोर में रखी बच्चों के रजाई कपड़े बैग्स किताबें व कपडे तथा खेल सामग्री जलकर राख हो गई हैं।उपनिरीक्षक कुकशाल ने बताया की घटना की सूचना मिलने पर पुलिस फायर ब्रिगेड एसडीआरएफ ने बेहतरीन समन्वय से आग पर काबू पा लिया जिससे अन्य भवनों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया।मामले में नायब तहसीलदार महेंद्र आर्य ने बताया की बच्चों को दूसरे भवन में शिफ्ट कर दिया गया है।बच्चों की किताबें कपड़े व खेल सामग्री नष्ट हो गयी है,उसके लिए शिक्षा विभाग सभी सामग्री उपलब्ध करवाएगा।वहीं बिस्तर इत्यादी की व्यवस्था भी विभागीय स्तर पर कर दी गयी है।उन्होनें बताया की शुरूआती तौर पर शार्ट सर्किट से आग लगा होना प्रतीत होता है आग लगने का कारण किसी लापरवाही के चलते पाया जाता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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आग लगने की घटना के बाद से बच्चों के साथ ही अभिभावक भी डरे हुए हैं।उल्लेखनीय है कि आवासीय विद्यालय बाजार के नजदीक ही स्थित है,जिसकी देखरेख की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य सहित प्रबंधन समिति ओर उपजिलाधिकारी के पास होती है ऐसे में फायबर से बने कमरों की विधुत व्यवस्था भी चाक चोबंद होनी चाहिए थी।घटना के बाद से अभिभावकों का बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित होना लाजमी है। विधालय में जनपद चमोली के विभिन्न विकासखंडों के लगभग 146 नौनिहाल यहां अध्ययनरत हैं।फारबर से बने कमरों में छठवीं से बारहवीं तक के 40 बच्चों के रात्री शयन की व्यवस्था बनायी गयी थी।जहां शार्ट सर्किट से आग लग गयी थी।

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