बदरीनाथ: बदरीनाथ धाम में कपाट बंद करने से पहले होने वाली पंच पूजाओं की प्रक्रिया आज 21 नवंबर से शुरू हो गई। इस दौरान धाम में देवताओं के आगमन का विशेष महत्व माना जाता है। लोक मान्यता के अनुसार पंच पूजाओं के दौरान भगवान बदरीविशाल के दर्शन होते हैं और कपाट बंद होने के बाद अगले छह माह तक पूजा-अर्चना का अधिकार केवल देवताओं को होता है।
पंच पूजाओं की शुरुआत गणेश मंदिर से होती है, जहां अभिषेक और विशेष पूजाएं की जाती हैं। इसके बाद अगले दिन आदिकेदारेश्वर मंदिर में अन्नकूट का आयोजन होता है और भगवान भोलेनाथ को पके चावलों का भोग अर्पित किया जाता है। तीसरे दिन धार्मिक पुस्तक पूजन और वेद ऋचाओं का वाचन समाप्त किया जाएगा…जबकि चौथे दिन माता लक्ष्मी को कढ़ाई भोग अर्पित किया जाएगा।

धाम के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल के अनुसार पौराणिक परंपरा के अनुसार छह माह मनुष्य और छह माह देवताओं द्वारा भगवान की पूजा की जाती है। इस बार 25 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर विधि-विधान के साथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



जसपाल राणा के जीवन पर आई किताब, सीएम धामी ने किया विमोचन…जानिए क्या है खास
देहरादून : लालकुआं को नगरपालिका या नगर निगम बनाने, रेलवे फाटक पर ROB, बस स्टेशन और नहरों के पुनर्निर्माण की उठाई गई मांग
उत्तराखंड की बेटी गार्गी जोशी ने देशभर में बढ़ाया मान, AI हैकाथॉन में जीता 1 लाख का पुरस्कार
उत्तराखंड: कैंचीधाम के जाम पर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा सख्त, वैकल्पिक रास्ते और पार्किंग बनाने के दिए निर्देश
उत्तराखंड: बिंदुखत्ता में श्रमिक कैंपों को लेकर विवाद, वन अधिकार संगठन ने दी काम बंद करने की चेतावनी
काशीपुर- कुंडा क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा, हादसे में 3 लोगों की दर्दनाक मौत, टुक टुक के उड़े परखच्चे
सीएम धामी की मौजूदगी में एक छत के नीचे मिलीं कई सुविधाएं, 500 से ज्यादा श्रमिक परिवारों को लाभ
उत्तराखंड: हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने पर दिखा खास नजारा, पाकिस्तान से भी पहुंचा 40 श्रद्धालुओं का जत्था
उत्तराखंड में यहाँ महिला एएसआई 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार
उत्तराखंड : IFS के तबादले, आदित्य रत्न को हल्द्वानी की जिम्मेदारी 
