बागेश्वर : बागेश्वर में आत्मनिर्भरता की नई उड़ान – महिलाओं ने शुरू किया ए–4 शीट निर्माण
बागेश्वर। उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूएसआरएलएम) के तहत बागेश्वर में महिला सशक्तिकरण और पलायन रोकथाम की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी ने मंगलवार को ए–4 शीट बनाने वाली मशीन का शुभारंभ किया।
सीडीओ ने कहा कि इस पहल से महिलाओं को सीधा रोजगार मिलेगा और विभागीय कार्यालयों को उच्च गुणवत्ता वाला कागज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी दफ्तरों में प्रयुक्त कागज की खरीद प्राथमिकता से समूहों से ही की जाएगी।
परियोजना निदेशक शिल्पी पंत ने बताया कि यूनिट के दीर्घकालिक संचालन के लिए विपणन समिति बनाई जा रही है। खण्ड विकास अधिकारी आलोक भण्डारी ने इसे पलायन रोकथाम में अहम बताया।
इस अवसर पर “सखी संगम” क्लस्टर का भी उद्घाटन किया गया। महिलाओं ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि यह कदम आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास की मजबूत नींव बनेगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी कहा कि बागेश्वर की जलवायु सेब, फूल और बकरीपालन जैसी गतिविधियों के लिए उपयुक्त है। यदि समूह इन क्षेत्रों में कार्य करना चाहें तो उनके प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



हल्द्वानी नगर निगम बोर्ड बैठक में 15 अहम प्रस्ताव पास, कबाड़ की दुकानों पर रोक
हल्द्वानी :(बड़ी खबर) DM रयाल के निर्देश, हाईवे, जंगल और निकाय क्षेत्र में चलेगा व्यापक सफाई अभियान, लापरवाही पर विभागों की खैर नहीं
उत्तराखंड के मतदाता ध्यान दें! निर्वाचन आयोग ने दिया बड़ा अपडेट
उत्तराखंड में 13 महिलाओं और 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का होगा सम्मान, सरकार ने घोषित किए नाम
उत्तराखंड: स्कूल से लौट रहे शिक्षकों के साथ हुआ हादसा, कार खाई में गिरी
उत्तराखंड: एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय ने बढ़ाई प्रवेश पंजीकरण की अंतिम तिथि
हल्द्वानी :(बड़ी खबर) DM रयाल के निर्देश के बाद भू-माफिया से मुक्त हुई गरीब महिला की 25 नाली भूमि, महिला ने जताया आभार
उत्तराखंड :(दुखद) बेकाबू टैंकर ने छात्रों को कुचला, एक बच्चे की मौत, दो की हालत गंभीर
उत्तराखंड: सीमांत इलाकों के युवाओं के लिए खुशखबरी! अब गांव-गांव तक पहुंचेगी एनसीसी 
