हाईकोर्ट शिफ्ट करने के खिलाफ याचिका खारिज
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी के बेलबाबा क्षेत्र में स्थानांतरित करने और बिना केंद्र सरकार की अनुमति के भूमि आरक्षित करने के खिलाफ दायर याचिका पर गुरुवार को कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है।

न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की विस्तृत बहस सुनने के बाद पूर्व में सुरक्षित रखा गया निर्णय सुनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया। हालांकि, याचिकाकर्ता इस निर्णय से असहमति पर मामले को सुप्रीम कोर्ट या एनजीटी में चुनौती दे सकते हैं। यह याचिका राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता रमन शाह और अन्य द्वारा दायर की गई थी।
|
रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन का दावा था याचिका में
याचिकाकर्ताओं का मुख्य तर्क था कि जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा हाईकोर्ट के निर्माण के लिए बेलबाबा मंदिर के पास रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन का प्रस्ताव बनाना वन संरक्षण अधिनियम 1980 की धारा-2 का सीधा उल्लंघन है। याचिका में दावा किया गया कि चिह्नित क्षेत्र हाथी कॉरिडोर के अंतर्गत आता है और वहां बड़े पैमाने पर पौधरोपण हुआ है।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, बारिश को लेकर जारी किया गया अलर्ट
सीएम धामी की अधिकारियों को दोटूक, सड़कें गड्ढामुक्त करें, एक नवंबर तक पूरे हों पाइपलाइन के काम
सीएम धामी ने विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दी 218 करोड़ रुपये की मंजूरी
उत्तराखंड की ग्लेशियल झील पर पहली बार लगा अर्ली वार्निंग सिस्टम, हर दो घंटे में मिलेगी जानकारी
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर आयोग अलर्ट, डीएम-एसएसपी ने पेश किया तैयारी का खाका
उत्तराखंड में मौसम का नया अपडेट, 16 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश के आसार
उत्तराखंड को मेडिकल एजुकेशन हब बनाने की तैयारी, सीएम धामी के कार्यकाल में खुले तीन नए कॉलेज
देहरादून :(बड़ी खबर) सभी DM, SSP के साथ 4 घंटे की मैराथन बैठक, विकास और कानून व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं
देहरादून में ‘ओए लकी लकी ओए’ जैसी फिल्मी चोरी
देहरादून : विद्यालयों के परीक्षा में TIME सशोधन 
