नैनीताल :(बड़ी खबर) जिला मजिस्ट्रेट की सख्त कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधी छह माह के लिए जिला बदर

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

जिला मजिस्ट्रेट की सख्त कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधी छह माह के लिए जिला बदर
गुंडा एक्ट में बड़ी कार्रवाई, जनपद में कानून का राज स्थापित करने की दिशा में अहम कदम

नैनीताल: नैनीताल जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल की अदालत ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात कुख्यात आरोपियों को गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत छह माह की अवधि के लिए जिला बदर कर दिया है। इन सभी आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास है और इनके विरुद्ध विभिन्न थानों में आबकारी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस, चोरी, मारपीट, हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी एवं जुआ अधिनियम जैसे गंभीर मुकदमे पंजीकृत हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड के खिलाड़ियों की नौकरी बनी नई चुनौती, खेल करियर पर मंडराया संकट

जिला मजिस्ट्रेट/ जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने इस संबंध में अवगत कराया कि जिला बदर किए गए आरोपियों में शास्त्री नगर थाना लालकुआं निवासी सुंदर बिष्ट उर्फ देवा पर आबकारी, आर्म्स एक्ट व एनडीपीएस के छह मुकदमे,

टेढ़ा रोड रामनगर निवासी सूरज आर्य पर चोरी व बीएनएस की धाराओं में चार मुकदमे,

कौशल कॉलोनी मल्ली बमौरी थाना मुखानी निवासी आनंद डसीला पर हत्या के प्रयास, धमकी, मारपीट व धोखाधड़ी के पांच मुकदमे

तथा वार्ड नंबर 15 जवाहर नगर बनभूलपुरा निवासी बाबूराम पर एक्साइज एक्ट के छह मुकदमे दर्ज हैं।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी :(बड़ी खबर) स्मार्ट मीटर के विरोध का वीडियो वायरल

इसी क्रम में नई बस्ती गूलर घाटी रामनगर निवासी जुबैर पुत्र कलुआ पर चोरी व एनडीपीएस के मामलों में,

गांधीनगर बनभूलपुरा निवासी कुणाल सोनकर मारपीट, बलवा व जुआ अधिनियम के मुकदमों में

तथा पप्पू का बगीचा थाना बनभूलपुरा निवासी रिजवान उर्फ मंत्री एनडीपीएस एक्ट के कई मामलों में लिप्त पाए गए हैं।

जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल ने सभी आरोपियों की गतिविधियों को जनहित, शांति व्यवस्था और कानून व शासन के लिए घातक मानते हुए तत्काल प्रभाव से छह माह के लिए जनपद की सीमा से निष्कासित करने के आदेश पारित किए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिला बदर की अवधि में यदि कोई भी आरोपी जनपद की सीमा में प्रवेश करता है या आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: 6 हजार रुपये सालाना आय दिखाने वाले सरकारी शिक्षक की जांच शुरू

जिला अधिकारी ने दोहराया है कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। जनपद में भयमुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी

ADVERTISEMENTSAd Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें