ग्रामीणों का विश्वास जीतकर सामूहिक प्रयासों से ही वनाग्नि पर नियंत्रण पाया जा सकता है, जिलाधिकारी रयाल
भीमताल(नैनीताल) : जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक गुरुवार को समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में विकास भवन भीमताल में सम्पन्न हुई।
बैठक में आगामी वनाग्निकाल 2025-26 के लिए कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान वनाग्नि रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने,जनजागरूकता, जनसहभागिता के साथ ही विभिन्न विभागों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल द्वारा आगामी वनाग्निकाल में जिले में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम हेतु तैयार कार्ययोजना के बारे में जिलाधिकारी को अवगत कराया, तथा वनाग्नि रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई, जिसमें वन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाना, आग लगने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए टीमों का गठन, वन समितियों एवं महिला समूहों, विभिन्न संगठनों,विभागों के सहयोग के साथ ही स्थानीय लोगों को जागरूक करना शामिल है।
जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि रोकथाम हेतु स्थानीय लोगों का सहयोग एवं उनको विश्वास में लेना महत्वपूर्ण है सामुहिक प्रयासों से ही वनाग्नि पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके साथ ही जनजागरूकता भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को सम्मिलित करते हुए जागरूकता बैठकें, कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि रोकथाम हेतु जन सहयोग अत्यंत आवश्यकीय है। इस हेतु जनता के साथ समन्वय बनाते हुए वनाग्नि सुरक्षा हेतु तत्परता से कार्य किया जाय। और बेहतर से बेहतर कार्ययोजना तैयार की जाय। स्थानीय वन समितियों, युवक एवं महिला मंगल दलों, आपदा मित्रों, महिला स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय किया जाय। पुरानी फायर लाइन की सफाई का कार्य तेजी के साथ करने के अतिरिक्त जहॉं जहॉं नई फायर लाइन का निर्माण किया जाना है वह भी वनाग्नि काल से पूर्व कर लिया जाय। इसी के साथ कंट्रोल बर्निंग का कार्य भी 15 फरवरी तक कर लिया जाय।
बैठक में वनाग्नि रोकथाम हेतु चीड़ के जंगलों से पीरूल एकत्रित करने के संबंध में की जा रही कार्यवाही के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि इस कार्य को युद्ध स्तर पर कराया जाय। इसमें महिला स्वयं सहायता समूहों की भी सहायता ली जाय। इस हेतु जिला विकास अधिकारी,जिले की महिला समूहों की सूची शीघ्र ही वन विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पिरूल कलेक्शन के साथ ही उसका वन क्षेत्र से उठान भी समय पर हो इस हेतु जगह जगह कॉम्पेक्टर लगाए जाय। वहीं पर उसके ब्लॉक तैयार कर मांग के अनुरूप संबंधित क्षेत्र में भेजें, जिससे महिला समूहों की आय भी बढ़ेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन महिला समूहों के द्वारा गत वर्ष वनाग्नि सुरक्षा हेतु सक्रियता दिखाई है और बेहतर पिरूल कलेक्शन का कार्य किया है उन्हें प्रोत्साहित किया जाय तथा पिरूल के निस्तारण हेतु उन्हें शीघ्र ही कॉम्पेक्टर उपलब्ध कराया जाय, इस संबंध में उन्होंने जिला विकास अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए।उन्होंने वन विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि वनाग्नि रोकथाम एवं घटनाओं को न्यून करने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं और इसकी नियमित निगरानी की जाए।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल आकाश गंगवार,रामनगर ध्रुव मर्तोलिया, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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