देहरादून। उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने छात्रों को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर आखिरकार सार्वजनिक रूप से खेद जताते हुए माफी मांग ली है। उनके बयान को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक माहौल गर्म था और छात्र संगठनों के साथ विपक्ष लगातार विरोध जता रहा था।
यह विवाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सामने आया। इस दौरान महेंद्र भट्ट की एक टिप्पणी को लेकर छात्रों और युवाओं ने नाराजगी जताई। विपक्षी दलों और विभिन्न छात्र संगठनों ने इसे छात्रों का अपमान बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी।

मामले ने तूल पकड़ने के बाद उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने महेंद्र भट्ट से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी की मांग की थी। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। कुछ संगठनों ने उनके इस्तीफे की मांग भी उठाई।
शुरुआत में महेंद्र भट्ट ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा था कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया है। हालांकि बढ़ते विवाद के बीच उन्होंने बाद में सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया।
अपने बयान में महेंद्र भट्ट ने कहा कि यदि उनके किसी शब्द या उसके उच्चारण से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और यदि ऐसा हुआ है तो वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं।
महेंद्र भट्ट की माफी के बाद अब इस पूरे विवाद पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी हैं। वहीं छात्र संगठनों की ओर से आगे की रणनीति पर भी नजर बनी हुई है।


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