हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे भूमि से जुड़े अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई फिलहाल टल गई है। इस मामले में अब अगली सुनवाई की तारीख को लेकर लोगों की नजर बनी हुई है। संभावित रूप से मामला 17 सितंबर को सूचीबद्ध हो सकता है।
सुनवाई टलने के बाद बनभूलपुरा क्षेत्र में भी पुलिस और प्रशासन की गतिविधियां बढ़ गई हैं। पुलिस स्थिति पर नजर रख रही है। क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से निगरानी के साथ सोशल मीडिया पर भी नजर रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
इस मामले का असर बड़ी आबादी पर पड़ता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बनभूलपुरा क्षेत्र में करीब 50 हजार लोग इससे प्रभावित हैं। लंबे समय से लोग मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
मामले से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर भी योजना पर काम किया गया है। करीब 30 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4,300 से अधिक परिवारों के पुनर्वास की बात सामने आई है।
सुनवाई टलने के बाद अब अगली संभावित तारीख पर सभी की नजर है। हालांकि अंतिम स्थिति सुप्रीम कोर्ट की सूची और आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।
बनभूलपुरा मामले में आगे की कार्रवाई और लोगों के पुनर्वास से जुड़े फैसले पर क्षेत्र के हजारों परिवारों की नजर बनी हुई है।


अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



हल्द्वानी : MBPG कॉलेज में हथियार लेकर पहुंचा युवक, छात्रों ने पकड़ा तो खुली सुरक्षा व्यवस्था की पोल
एक प्रतिमा और दो बार अनावरण! मंत्री-विधायक के पहुंचने से पहले ब्लॉक प्रमुख ने काटा फीता, फिर ढक दी गई प्रतिमा
32 दिन से लापता रेशमा का अब तक नहीं मिला सुराग, सड़क पर उतरे परिजन
बनभूलपुरा मामले में आज नहीं आया फैसला, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टली… अब इस तारीख पर नजर
उत्तराखंड मे 36 खंड विकास अधिकारियो की तैनाती..
देहरादून :(बड़ी खबर) समूह-ग की सात भर्तियों का नया कैलेंडर जारी
देहरादून :(बड़ी खबर) समूह ग के 101 पदों पर आई भर्ती
CM धामी ने शिक्षकों को किया सम्मानित, मेधावी छात्रों को मिली छात्रवृत्ति; बोले- शिक्षक बनाते हैं देश का भविष्य
उत्तराखंड में SIR पर बड़ा अपडेट, 24.29 लाख नोटिसों की सुनवाई पूरी; अब DSE-PSE की बारी
कुंभ 2027 से पहले उत्तराखंड को बड़ी सौगात, केंद्र ने आवंटित किया 8,029 मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न 

