नैनीताल। देहरादून जिले के सौड़ क्षेत्र में पुल निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। रेत की जगह मिट्टी इस्तेमाल करने के आरोप में सस्पेंड किए गए अभियंता को फिलहाल राहत नहीं मिली है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए विपक्षियों को तीन हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान बताया गया कि पुल निर्माण में गुणवत्ता से समझौता करते हुए रेत की जगह मिट्टी मिलाई जा रही थी…जिसका स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध किया और वीडियो बनाकर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद निर्माण कार्य कर रही संस्था ने संबंधित अभियंता को सस्पेंड कर दिया।
वहीं अभियंता ने अपने निलंबन को चुनौती देते हुए कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि वह डेपुटेशन पर थे और उन्हें सस्पेंड करने का अधिकार कंपनी के पास नहीं है।
हालांकि कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने साफ किया कि जनता के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब इस मामले में अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी।
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