नैनीताल : जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण मामले में डीजीपी और गृह सचिव तलब

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

हाईकोर्ट- जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण मामले में डीजीपी और गृह सचिव तलब।

नैनीताल- उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में आज नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान 5 सदस्यों के अपहरण संबंधी मामले में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश(सी.जे.)जे.नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने डी.जी.पी.और सचिव गृह को तलब किया है।

न्यायालय ने पुलिस कप्तान प्रह्लाद नारायण मीणा से घटना के बारे में सवाल किये। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए तय की गई है। जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में कथित अपहरण संबंधी स्वतः संज्ञान जनहित याचिका के साथ 4 अन्य याचिकाओं की सुनवाई हुई। सी.जे.ने कहा कि उच्च न्यायालय ने इस पूरी घटना में कानून और व्यवस्था को चाक चौबन्ध रखने पर ध्यान दिया है।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून:(बड़ी खबर) आईएएस, पीसीएस ट्रांसफर लिस्ट जारी

मीडिया में न्यायालय की प्रोसिडिंग के वायरल वीडियो पर नाराज होते हुए उन्होंने कहा कि वाइरल करने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। कहा कि मीडिया केवल इस न्यायालय से जारी आदेशों को प्रकाशित करे। घटना पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने जो करना था, वो ही किया। न्यायालय की तरफ से एक्शन ले लिया गया है। वो यहां ऐसा कल्चर डेवलप नहीं होने देंगे। हम इस घटना में सुनवाई को जारी रखते हुए इसे आगे ले जाएंगे और पुलिस को कड़ाई से कानून का पालन करवाएँगे। खंडपीठ ने कहा कि हम इसलिये कर रहे हैं, क्योंकि यहां सिस्टम फेलियर है और आगे देवभूमि में ऐसा न हो। हमें उत्तराखण्ड में रहने का गर्व करना चाहिए। एस.पी. इंटेलिजेंस कहाँ हैं ?

यह भी पढ़ें 👉  रुद्रप्रयाग डीएम विशाल मिश्रा की बड़ी उपलब्धि, देश के टॉप जिलाधिकारियों में नाम दर्ज

मुख्य न्यायाधीश के तीखे सवालों का जवाब देते हुए एस.एस.पी.ने कहा कि वीडियो में जो दिख रहे हैं उनमें से कोई हिस्ट्री शीटर नहीं है। हम उनकी कुंडली खंगाल रहे हैं। हमने, 14 लोगों को चिन्हित किया है, जिसमें नैनीताल, रामपुर और उधम सिंह नगर जिले के लोग थे। हमने पहचान की है, वो नेपाल में हैं। अपहृत लोगों को रगड़कर ले जाते वीडियो में देखा,लेकिन वो अपने बयान में कुछ और ही कह रहे हैं इसकी भी जांच कर रहे हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र पाटनी ने कहा कि उन अपहरणकर्ताओं का जोश देखकर लगता है कि पुलिस और अपहरणकर्ताओं के बीच कोई सांठगांठ है।

महाधिवक्ता एस.एन.बाबुलकर ने कहा कि एस.एस.पी.ने उच्चाधिकारियों को लिखकर यू.एस.नगर और नैनीताल के बॉर्डर पर सघन चैकिंग करने के लिए लिखा था। ये वही अधिकारी हैं जिन्होंने हल्द्वानी और नैनीताल की घटनाओं को संभाला था और आपने उन्हें इसके लिए सराहा था। इस दौरान उनके साथ
सी.एस.सी.चंद्रशेखर सिंह रावत, ए.ए.जी. जी.एस.विर्क आदि रहे।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तरकाशी की बेटी प्रकृति नेगी बनीं डीएसपी, पहले ही प्रयास में हासिल की बड़ी सफलता

एस.एस.पी.प्रह्लाद नारायण मीणा ने कहा कि हमने कल शाम से एक अधिकारी को नाईट ड्यूटी पर लगा दिया है। वीडियो में दिखी गाड़ी को बरामद कर लिया गया है।

पांचों सदस्यों की सी.डी.आर.को न्यायालय में जमा कर देंगे। उक्त कार वहां पर 13 की रात 11 बजे आयी थी जिसे बरामद कर लिया गया है। कुल 6 एफ.आई.आर.है, जिसके लिए हम सी.सी.टी.वी., सी.डी.आर.और बांकी सबूतों के आधार पर जांच कर रहे हैं। कार को 16 या 17 को कस्टडी में लिया गया था।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें