देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड ने साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोल दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) और वन विभाग के समन्वय से यह निर्णय लिया गया।
खोली गई चोटियों की ऊंचाई 5,700 मीटर से 7,756 मीटर तक है, जिनमें कामेट, नंदा देवी ईस्ट, चौखंबा समूह, त्रिशूल, शिवलिंग, सतोपंथ, पंचचूली और नीलकंठ जैसी विश्व प्रसिद्ध चोटियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय हमारी पहचान और विरासत है और यह पहल राज्य के साहसिक पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करेगी।
भारतीय पर्वतारोहियों को अब अभियान शुल्क नहीं देना होगा…जबकि विदेशी पर्वतारोहियों पर राज्य स्तरीय अतिरिक्त शुल्क समाप्त कर दिया गया है। सभी आवेदन उत्तराखंड माउंटेनियरिंग परमिशन सिस्टम (UKMPS) के ऑनलाइन पोर्टल से किए जाएंगे।
इससे सीमावर्ती गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। साथ ही राज्य सरकार ने सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संरक्षण का कड़ा पालन अनिवार्य किया है। केंद्रीय बजट 2026-27 में पहाड़ी राज्यों में पर्यावरण-अनुकूल माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने की भी घोषणा की गई है।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने सभी पर्वतारोहियों का स्वागत करते हुए इसे राज्य की साहसिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला मील का पत्थर बताया है।

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