देहरादून: शिक्षकों के लिए खत्म हो टीईटी की बाध्यता, अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ ने उठाई मांग

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देहरादून: शिक्षकों के लिए खत्म हो टीईटी की बाध्यता, अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ ने उठाई मांग


देहरादून। अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त एलटी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की है। संगठन के मंत्री डॉ. सोहन सिंह माजिला ने सचिव विद्यालयी शिक्षा से मुलाकात कर शिक्षकों की पदोन्नति में टीईटी के कारण आ रही बाधा का मुद्दा उठाया।


डॉ. माजिला ने कहा कि 29 मई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में एलटी शिक्षकों के लिए टीईटी-दो किए जाने का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है। उन्होंने शिक्षा अधिकार अधिनियम की धारा 23(1) का हवाला देते हुए कहा कि इसमें माध्यमिक शिक्षा का उल्लेख है, लेकिन टीईटी की अनिवार्यता का प्रावधान नहीं है।
संगठन के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की वर्ष 2011 की संशोधित नियमावली में भी माध्यमिक शिक्षा के लिए टीईटी को अनिवार्य नहीं किया गया है। वहीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। संगठन ने कहा कि एलटी शिक्षकों की पदोन्नति प्रवक्ता और प्रधानाध्यापक के पदों पर होती है, इसलिए इन पदों के लिए भी टीईटी अनिवार्य नहीं होना चाहिए।

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सचिव ने विधिक परामर्श लेने की बात कही
मुलाकात के दौरान सचिव विद्यालयी शिक्षा ने इस मामले में विधिक परामर्श लेने की बात कही। संगठन ने बताया कि प्रभावित पक्ष भी इस मामले में कानूनी राय लेगा और माध्यमिक एलटी शिक्षकों का पक्ष रखने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की तैयारी की जाएगी।

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शिक्षक महासंघ का कहना है कि यह कदम पदोन्नति में आ रही बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से उठाया जाएगा।

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