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जनगणना से पहले बड़ा प्लान: 30 हजार हिस्सों में बांटा जाएगा उत्तराखंड

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देहरादून: देशव्यापी जनगणना 2027 से पहले उत्तराखंड में आवासीय गणना की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसके तहत पूरे प्रदेश को 30 हजार हिस्सों में बांटकर गणना कराई जाएगी। प्रत्येक हिस्से में करीब 800 नागरिक और 150 से 200 तक मकानों को शामिल किया जाएगा।

जनगणना निदेशालय के अनुसार आवासीय गणना की शुरुआत स्वगणना से होगी। नागरिक नौ अप्रैल से 24 अप्रैल तक स्वयं अपने आवास की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद गणना अधिकारी घर-घर जाकर आवासीय गणना का कार्य करेंगे, जो 25 अप्रैल से शुरू होना प्रस्तावित है, हालांकि इस तिथि को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

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30 हजार गणना अधिकारी और चार हजार सुपरवाइजर होंगे तैनात

जनगणना के लिए प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। तय किया गया है कि यदि किसी गांव या वार्ड में जनसंख्या 800 से अधिक होती है तो उसे दो हिस्सों में विभाजित किया जाएगा। इस कार्य के लिए 30 हजार गणना अधिकारी और चार हजार सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। नगर निगम क्षेत्रों में नगर आयुक्त और जिलों में जिलाधिकारी मुख्य जनगणना अधिकारी की जिम्मेदारी निभाएंगे।

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19 अप्रैल से शुरू होगा प्रशिक्षण

गणना अधिकारियों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण 19 अप्रैल से शुरू होगा। पहले चरण में चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी कार्मिकों को 20 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा…जिसे तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा।

पोर्टल के जरिए होगी स्वगणना

स्वगणना के लिए एक विशेष पोर्टल तैयार किया जा रहा है। नागरिक इस पोर्टल पर ओटीपी के माध्यम से आईडी बनाकर अपने मकान, उपलब्ध सुविधाओं, उपकरणों, वाहनों समेत करीब 30 प्रकार की जानकारी दर्ज करेंगे। यह आईडी सुरक्षित रखनी होगी, जिसका बाद में सत्यापन किया जाएगा।

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घर-घर जाकर होगा सत्यापन

जो नागरिक स्वगणना नहीं कर पाएंगे, उनके घर गणना अधिकारी पहुंचकर ऑनलाइन जानकारी दर्ज करेंगे। वहीं, स्वगणना करने वाले नागरिकों की आईडी लेकर दी गई जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद आंकड़ों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

जनगणना निदेशक ईवा श्रीवास्तव ने बताया कि आवासीय गणना की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं और नौ अप्रैल से स्वगणना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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