उत्तराखंड में वोटरों के लिए बड़ी खबर! SIR का नोटिस आया तो बिल्कुल न करें नजरअंदाज

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देहरादून। उत्तराखंड में चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस दौरान जिन मतदाताओं के वोट पर आपत्ति दर्ज हुई है उन्हें चुनाव कार्यालय की ओर से नोटिस भेजे जा रहे हैं। ऐसे नोटिस को हल्के में लेना मतदाताओं के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।

कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम को लेकर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसी आपत्तियों की है, जिनमें कहा गया है कि संबंधित मतदाता अब उस पते पर नहीं रहता।

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अगर बीएलओ के माध्यम से किसी मतदाता को फॉर्म-10 का नोटिस मिलता है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत जवाब देना होगा। सुनवाई के दौरान आपत्तिकर्ता को भी अपना पक्ष और संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।

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वहीं मतदाता को ERO या AERO के सामने यह साबित करना होगा कि वह संबंधित स्थान का निवासी है। इसके लिए वैध और संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखना जरूरी होगा।

आपत्ति पर सुनवाई के बाद यदि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) मतदाता के जवाब और दिए गए प्रमाण से संतुष्ट नहीं होते हैं तो मतदाता सूची से नाम हटाया जा सकता है।

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इसलिए जिन लोगों को SIR के तहत फॉर्म-10 का नोटिस मिलता है उन्हें समय पर जवाब देना चाहिए और अपने निवास से जुड़े उचित प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए। मतदाता सूची में नाम बनाए रखने को लेकर अंतिम निर्णय ERO द्वारा नियमानुसार लिया जाएगा।

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