देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में आपदा प्रभावित लोगों को राहत देने और विकास कार्यों को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री ने यमुना नदी के जलस्तर बढ़ने से प्रभावित स्यानाचट्टी क्षेत्र के 19 लोगों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 61.09 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की है। इसके साथ ही टिहरी गढ़वाल के विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों को किराए के मकानों में रहने के लिए 6 महीने तक प्रति परिवार 4 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से कुल 19.28 लाख रुपये देने का निर्णय लिया गया है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत सभी जिलों को अनटाइड फंड के रूप में 13 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी है, जिससे स्थानीय विकास कार्यों को गति मिलेगी।
देहरादून के पित्थूवाला क्षेत्र में सीवर लाइन बदलने और अन्य क्षेत्रों में एसपीएस निर्माण के लिए 2.43 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।
वहीं, खेतीखान स्थित राजकीय आईटीआई का नाम बदलकर अब शहीद रेवाधर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान रखने को भी मंजूरी दे दी गई है।


अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड में सरकारी नौकरी का मौका, वन विकास निगम में 200 पदों पर भर्ती; इस दिन से भरें फॉर्म
उत्तराखंड: विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड में बड़े तबादलों की तैयारी, अफसरों की सूची बननी शुरू
मुख्यमंत्री युवाविद्यार्थी मंथन में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर रुद्रप्रयाग डीएम विशालमिश्रा सम्मानित
नैनीताल: ज्योलिकोट पर हाईकोर्ट गंभीर, मुख्य सचिव से हालकनामा मांगा, पेशी जारी रहेगी
भीमताल : आमा मंदिर से हरीश पनेरू ने किया चुनावी शंखनाद, भीमताल विधानसभा में भ्रष्टाचार और अनैतिक कार्यों के खिलाफ संघर्ष का किया ऐलान….
उत्तराखंड: M.A. और आपदा प्रबंधन की पढ़ाई के बाद खेती चुनी, 40 नाली जमीन पर विनोद ने खड़ा किया नया मॉडल
देहरादून :(बड़ी खबर) अहमद नदीम को मिला जिला सूचना अधिकारी, नैनीताल का चार्ज
दिल्ली से सीएम धामी ने चारधाम यात्रा पर लिया बड़ा अपडेट, अधिकारियों को दिए ये सख्त निर्देश
उत्तराखंड: जिस चट्टान तक पहुंचना भी मुश्किल, वहां कैसे पहुंचा सतीश? नदी में उतरने के बाद हुआ लापता
उत्तराखंड: दिल्ली की नौकरी छोड़ी, गांव लौटकर शुरू किया ट्राउट पालन; अब हर महीने 60 हजार तक कमाई 
