उत्तराखंड: निजी अस्पताल पहुंचा इलाज के लिए मजदूर, नहीं बची जान; पीछे रह गए 8 मासूम बच्चे

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हल्द्वानी: हल्द्वानी से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां आंख के ऑपरेशन के बाद एक श्रमिक की मौत हो गई।

रामनगर क्षेत्र के रहने वाले राजपाल की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस मामले में परिजनों ने कोतवाली हल्द्वानी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

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मृतक के भाई राजेश के मुताबिक, 28 मार्च को पत्थर तोड़ते समय राजपाल की आंख में कंकरी लग गई थी। इसके बाद उन्हें हल्द्वानी के एक आई हॉस्पिटल में दिखाया गया…जहां डॉक्टर ने सर्जरी की सलाह दी।

परिजनों का कहना है कि पहली सर्जरी के बाद लगातार इलाज चलता रहा और कई बार जांच के लिए बुलाया गया। इसी बीच डॉक्टर ने दोबारा ऑपरेशन की बात कही। 15 अप्रैल की शाम से रात तक दूसरी सर्जरी की गई।

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आरोप है कि ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टर ने बीपी हाई होने की बात कही…जिसके बाद परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले गए…जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मृतक के आठ बच्चों के लिए मुआवजे की भी मांग उठाई है।

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वहीं इस पूरे मामले पर सीओ सिटी Amit Kumar ने कहा है कि तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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