सीएम धामी का जनता दरबार, शिकायतों पर तुरंत हुआ एक्शन

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चमोली: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में आम लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया। सेवा, सुशासन एवं समर्पण सेवा पखवाड़े के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं और मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं।

कार्यक्रम में कुल 7,472 लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विभिन्न विभागों को मिले 1,737 आवेदनों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। वहीं 203 शिकायतें भी दर्ज हुईं…जिनमें से 172 शिकायतों का समाधान शिविर स्थल पर ही कर दिया गया। बाकी शिकायतों को जल्द निपटाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के जरिए सरकार खुद जनता तक पहुंच रही है…जिससे योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों को मिल रहा है।

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किसानों और ग्रामीणों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई

कार्यक्रम में नन्दानगर क्षेत्र की सरिता देवी ने झंगोरा उत्पादन से जुड़ी समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में झंगोरे का उत्पादन अच्छा होता है, लेकिन प्रसंस्करण की सुविधा नहीं होने से किसानों को उचित लाभ नहीं मिल पाता। मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश देकर उन्हें झंगोरा मड़ाई और प्रोसेसिंग मशीन उपलब्ध कराई।

वहीं दशोली ब्लॉक के नीरज भट्ट ने लिलियम फूलों की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराने की मांग रखी…जिस पर मुख्यमंत्री ने एक महीने के भीतर बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ज्योतिर्मठ के गुलशन सिंह राणा की पोल्ट्री फार्म के लिए सहायता की मांग पर भी अधिकारियों को राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत कार्रवाई करने को कहा गया।

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लंबित ठेकेदारी पंजीकरण का मौके पर समाधान

दशोली के कौजपोथनी गांव निवासी जयदीप सिंह ने लोक निर्माण विभाग में ठेकेदारी पंजीकरण का आवेदन लंबित होने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। इसके बाद शिविर में ही उन्हें ठेकेदारी पंजीकरण प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया।

इसके अलावा पोखरी क्षेत्र के देवेंद्र सिंह ने सेब के पौधे और ओलावृष्टि से बचाव के लिए एंटी-हेल नेट की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग को उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

हजारों लाभार्थियों को मिली सहायता

शिविर के माध्यम से 4,632 लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, समाज कल्याण, कृषि, पशुपालन, उद्यान और सहकारिता विभाग की योजनाओं के तहत लाभार्थियों को सहायता सामग्री, स्वीकृति पत्र और आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

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कृषि विभाग की ओर से किसानों को मशीनरी बैंक, झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन, घास कटर मशीन और चैन लिंक्ड फेंसिंग जैसी सुविधाएं दी गईं। वहीं उद्यान विभाग की योजनाओं के तहत पॉलीहाउस, मशरूम उत्पादन, कीवी मिशन और सूक्ष्म खाद्य उद्योग के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान हरेला पर्व के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में पौधरोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण उत्तराखंड की संस्कृति का हिस्सा है…और हर व्यक्ति को पौधरोपण के लिए आगे आना चाहिए।

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