नैनीताल: नैनीताल जनपद में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने एक सराहनीय पहल करते हुए अब तक 2357 क्विंटल पीरुल एकत्रित किया है। यह कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत किया जा रहा है और अभी भी लगातार जारी है।
पीरुल जो चीड़ के पेड़ों की सूखी पत्तियां होती हैं बेहद ज्वलनशील होती हैं और जंगलों में आग लगने का बड़ा कारण बनती हैं। ऐसे में महिलाओं द्वारा इसका संग्रह करना जंगलों को आग से बचाने में काफी मददगार साबित हो रहा है।
यह अभियान विकासखंड ओखलकांडा, रामगढ़, धारी, बेतालघाट, भीमताल और कोटाबाग के 76 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है। महिलाओं की इस मेहनत से जहां एक ओर जंगलों में आग की घटनाओं पर नियंत्रण मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उनकी आय के नए साधन भी विकसित हो रहे हैं।
महिलाएं एकत्रित किए गए पीरुल को वन विभाग और निजी संस्थानों को बेचकर अपनी आजीविका मजबूत कर रही हैं। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आई है।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



देहरादून : मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल पर शिकंजा कसने की तैयारी, कंपनी के दस्तावेजों की जांच तेज
हल्द्वानी के होटल में रुकने युवक की मौत, शक्तिवर्धक दवाओं के ओवरडोज का संदेह
उत्तराखंड: यहां रात दो हादसों में दो छात्रों की मौत, दो युवक घायल
देहरादून :सचिवालय में महिला अधिकारी से छेड़छाड़ का आरोप, उपनल कर्मचारी की पिटाई के बाद सरेंडर
उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, छाएंगे बादल; पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी के आसार
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की किताब पढ़ें छात्र, सीएम धामी ने क्यों दी यह सलाह?
नैनीताल में कानून व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी द्वारा गुंडा एक्ट में 5 व्यक्तियों को किया जिला बदर
हल्द्वानी : प्रेमिका के साथ होटल में रुके प्रेमी की संदिग्ध मौत
हल्द्वानी की कालाढूंगी रोड के गड्ढे भरे गए, इन 6 प्रमुख जगहों पर हुआ काम 
