देहरादून: अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर कई भ्रामक बातें और आरोप फैल रहे हैं। उत्तराखंड पुलिस ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी वीआईपी का नाम नहीं है और माननीय न्यायालय ने भी यही माना है।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया गया और वे अब भी जेल में हैं। SIT द्वारा सभी गवाहों और रिसोर्ट कर्मचारियों से पूछताछ की गई, और शव की बरामदगी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई।
पुलिस ने यह भी कहा कि कुछ वायरल ऑडियो और फेसबुक लाइव में लगाए गए आरोपों की अलग से जांच चल रही है। जांच में सहयोग के लिए संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं…लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।
उत्तराखंड पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी के पास अतिरिक्त जानकारी या साक्ष्य हैं तो पुलिस को उपलब्ध कराएं। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की गई है।

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