उत्तराखंड में मदरसों पर धामी सरकार का बड़ा एक्शन, देहरादून में 3 और हल्द्वानी में 2 पर कार्रवाई

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

देहरादून। उत्तराखंड में नई मदरसा शिक्षा व्यवस्था के तहत बिना जरूरी मान्यता और निर्धारित शैक्षणिक मानकों का पालन किए संचालित हो रहे संस्थानों पर प्रशासन की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में देहरादून और हल्द्वानी में पांच मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार, देहरादून में तीन मदरसों के खिलाफ कार्रवाई हुई। आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया को सील कर दिया गया। वहीं मदरसा दार-ए-अरकम, आजाद कॉलोनी, माजरा और मदरसा दारूल उलूम रहीमिया के प्रबंधकों ने लिखित अंडरटेकिंग देकर संचालन बंद करने की जानकारी दी है।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  BJP की बड़ी तैयारी, हल्द्वानी में 10 सितंबर को जुटेंगे 5 हजार पूर्व सैनिक; नितिन नवीन रहेंगे मौजूद
Ad

हल्द्वानी में दो मदरसे सील

नैनीताल जिले के हल्द्वानी में भी बिना मान्यता संचालित दो मदरसों पर कार्रवाई की गई। इनमें शनि बाजार रोड, गौजाजाली उत्तर स्थित मदरसा जामिया नूरिया बरकाते आमिना और इंदिरा नगर, बनभूलपुरा स्थित मदरसा शामिल है।

हल्द्वानी के नगर मजिस्ट्रेट एबी वाजपेयी के अनुसार, दोनों संस्थानों के प्रबंधकों से मान्यता से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था। दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर दोनों भवनों को सील कर दिया गया।

अब तक 20 मदरसों का संचालन बंद

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 17 मदरसों को सील किया जा चुका है। इसके अलावा तीन मदरसों के प्रबंधकों ने लिखित रूप से संचालन बंद करने की जानकारी दी है। इस तरह कुल 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  CM धामी ने पूर्वोत्तर के युवाओं से कहा- ‘देवभूमि उत्तराखंड आपका अपना घर है’, बोले- युवा शक्ति ही विकसित भारत की ताकत

नई व्यवस्था में क्या बदला?

उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। पहले मदरसा बोर्ड के तहत पंजीकृत संस्थानों को अब नई व्यवस्था के अनुसार निर्धारित मान्यता और शैक्षणिक मानकों का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि बच्चों को उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और मुख्यधारा की शिक्षा उपलब्ध कराना नई व्यवस्था का उद्देश्य है।

यह भी पढ़ें 👉  भारी बारिश में भी नहीं डिगा उक्रांद का हौसला, नौगांवखाल में 100 से ज्यादा लोगों ने थामा पार्टी का दामन

सरकार के अनुसार प्रदेश में पहले मदरसा बोर्ड के तहत पंजीकृत 452 मदरसों को अब अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के तहत मान्यता लेने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जो संस्थान निर्धारित प्रक्रिया और मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि शिक्षा संस्थानों को निर्धारित नियमों और मान्यता के तहत ही संचालित किया जाना चाहिए। सरकार का कहना है कि बच्चों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।

ADVERTISEMENTSAd AdAd Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें