कोरोनावायरस न सिर्फ लोगों को अकाल मौत के मुंह में धकेल रहा है बल्कि इस वायरस के खौप से देश में बेबसी और लाचारी की तस्वीर भी सामने आई है, पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन के बीच जो लोग अपने घरों में हैं उन्हें भले ही तकलीफ हो ना हो, लेकिन उनके बारे में सोच कर रूह कांप जाती है जो भूखे प्यासे घंटों दिन-रात पैदल चल अपने घर की तरफ आ रहे हैं।

ऐसे ही कई मामले देवभूमि उत्तराखंड में सामने आए हैं जहां मानवीय बेबसी और लाचारी को देख हर कोई व्यथित है, यहां चिलचिलाती धूप में एक महिला 22 मार्च को अपने 3 महीने बच्चे के साथ दिल्ली से निकली और रामपुर से होते हुए रुद्रपुर तक पैदल पहुंची, महिला के साथ 8 लोग और थे जिन्हें नेपाल जाना था इस दौरान रास्तों में लोगों ने मानवता का परिचय देकर इन लोगों को खाना उपलब्ध कराया रुद्रपुर में पुलिस ने इन सभी लोगों की मदद की और इन्हें नेपाल बॉर्डर बनबसा के लिए वाहन की व्यवस्था कर रवाना किया, इसके अलावा रामपुर से भीमताल 110 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर तीन युवा बेबसी और लाचारी में पैदल पहुंचे यही नहीं और दो युवक नैनीताल से अल्मोड़ा पैदल पहुंचे, यह बहुत मुश्किल है कि भूखे प्यासे मुश्किल वक्त में लोग जिस तरह पैदल चलकर अपने घर पहुंच रहे हैं लोगों के इन तकलीफ का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता लेकिन ऐसे लोगों की अवश्य मदद करनी चाहिए जो बेबसी लाचारी में सैकड़ो किलोमीटर पैदल चल अपने घर की ओर आ रहे हैं।
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