उत्तराखंड :यहाँ 10 लाख हुई एनसीईआरटी की फर्जी किताबों की संख्या

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10 लाख हुई एनसीईआरटी की फर्जी किताबों की संख्या

रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर)। कीतरपुर के एक गोदाम में पकड़ी गई नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की फर्जी किताबों की संख्या 10 लाख पहुंच गई है। सोमवार को रुद्रपुर पहुंचे एनसीईआरटी के अधिकारियों ने किताबों की जांच कर इन्हें फर्जी करार दिया। साथ ही सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिया है। एनसीईआरटी के अधिकारियों का दावा है कि यह देश में अब तक का सबसे बड़ा किताब फर्जीवाड़ा है।

बीते शनिवार की देर रात कोतवाल मनोज रतूड़ी की अगुवाई में पुलिस टीम ने कीरतपुर में एक गोदाम पर छापा मारा था। वहां पर किताबों से लोड एक कैंटर पकड़ा गया था जबकि गोदाम को चलाने वाला मेरठ निवासी संदीप मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने रविवार सुबह तहसीलदार दिनेश कुटौला और प्रभारी सीईओ हरेंद्र मिश्रा की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़कर जांच की तो इसमें किताबें फर्जी पाई गईं। हालांकि किताबों की वास्तविक जांच के लिए दिल्ली की एनसीईआरटी टीम को सूचना दी गई थी।

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सोमवार को दिल्ली एनसीईआरटी के दो अधिकारी गोदाम पर पहुंचे। अधिकारियों ने जांच में पाया कि किताबों पर वाटरमार्क नहीं है, इसलिए इनके फर्जी होने की पुष्टि हो गई है। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि टीम ने किताबों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं।

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