लालकुआं : बिंदुखत्ता की बेटी वैशाली रावत बनीं क्षेत्र की शान, ITBP में चयन से खुशी की लहर

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बिंदुखत्ता की बेटी वैशाली रावत बनीं क्षेत्र की शान, ITBP में चयन से खुशी की लहर


नैनीताल। लालकुआं तहसील के बिंदुखत्ता क्षेत्र की होनहार बेटी वैशाली रावत ने Indo-Tibetan Border Police (आईटीबीपी) में भर्ती होकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे इलाके में हर्ष और गर्व का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने वैशाली के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे बेटियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है।

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वैशाली रावत, पुत्री रणजीत रावत और माता हेमा देवी की सुपुत्री हैं। उनके दादा पूर्व सैनिक अमर सिंह रावत, दादी गंगा देवी, नानी खष्टी देवी तथा छोटे भाई विनीत रावत सहित पूरा परिवार उनकी कसम परेड में शामिल हुआ। परिवार के सदस्यों ने इस उपलब्धि को वर्षों की मेहनत और अनुशासन का परिणाम बताया।

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वैशाली का चयन वर्ष 2025 में Staff Selection Commission (एसएससी) के माध्यम से आईटीबीपी में हुआ। उनकी प्रशिक्षण प्रक्रिया पंचकूला, हरियाणा में संपन्न हुई और 17 फरवरी को भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्हें आईटीबीपी की 48वीं बटालियन में बिहार में पहली तैनाती मिली है।

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यदि उनकी शैक्षणिक यात्रा की बात करें तो वैशाली ने दसवीं की परीक्षा चाइल्ड सेक्रेड हाईस्कूल से उत्तीर्ण की। इसके बाद राजकीय इंटर कॉलेज बिंदुखेड़ा से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और साथ ही एनसीसी का ‘बी’ प्रमाणपत्र प्राप्त किया। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने MBPG College से बीए में प्रवेश लिया, जहां उन्होंने एनसीसी का ‘सी’ सर्टिफिकेट भी हासिल किया। एनसीसी से मिली अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देशसेवा की भावना ने उन्हें सशस्त्र बलों में जाने के लिए प्रेरित किया। तत्पश्चात उन्होंने एसएससी के माध्यम से आवेदन किया और कड़ी मेहनत के बल पर यह सफलता अर्जित की।

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वैशाली की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे बिंदुखत्ता क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ संकल्प, परिश्रम और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। आज वे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं और उनके इस सफर ने यह संदेश दिया है कि सपनों को साकार करने के लिए साहस और समर्पण आवश्यक है।

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