चमोली। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। चमोली जिले में बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। इसी बीच जोशीमठ क्षेत्र में स्थित पंच केदारों में शामिल कल्पेश्वर मंदिर के ऊपर देर रात भारी भूस्खलन हो गया।
भूस्खलन के कारण पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा नीचे आ गया और मंदिर परिसर के अंदर भी मलबा पहुंच गया। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक इस हादसे में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।
कल्पेश्वर मंदिर के सचिव लक्ष्मण नेगी के अनुसार देर रात से लगातार हो रही बारिश के बीच मंदिर के ऊपर पहाड़ी से कई टन मलबा गिरा। इससे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की जानकारी है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत एवं सफाई का काम शुरू किया। मामले की सूचना तहसील प्रशासन जोशीमठ को भी दे दी गई है।
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि तहसील प्रशासन की टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करेगी। स्थिति के अनुसार आगे जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
चमोली के विकासखंड गैरसैंण के कुनीगाड़ क्षेत्र स्थित कल्याणा मल्ला गांव में भी देर रात हुई तेज बारिश के कारण एक गौशाला ध्वस्त हो गई। गनीमत रही कि गौशाला मालिक रतन सिंह ने मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए पहले ही अपने मवेशियों को दूसरी जगह बांध दिया था। इससे सभी मवेशियों की जान बच गई।
पौड़ी-देवप्रयाग मार्ग पर भारी मलबा
भारी बारिश का असर पौड़ी जिले में भी देखने को मिला। देर रात से जारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया। वहीं पौड़ी-देवप्रयाग मोटरमार्ग पर सौड़ के पास पहाड़ी से भारी मलबा आने के कारण सड़क बंद हो गई।
सड़क बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने सड़क से मलबा हटाने के लिए मशीन मौके पर भेजी।
मलबे में बड़े पत्थर और पेड़ आने के कारण सड़क साफ करने में परेशानी हुई। पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभालने में जुटी रही।
देवप्रयाग थाना प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि सुबह सौड़ के पास मलबा आने से मार्ग बाधित हुआ था। दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई थी। लोक निर्माण विभाग की मशीन से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है और मार्ग को जल्द यातायात के लिए खोलने के प्रयास जारी हैं।
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रुकने और जोखिम वाले रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।


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