श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये करे सरकार
देहरादून: सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) के 17वें जिला सम्मेलन में श्रम विरोधी नीतियों का विरोध किया गया।
सम्मेलन में वक्ताओं ने श्रमिकों का न्यूनतम मासिक वेतन 26000 हजार रुपये की मांग उठाई। रविवार को सम्मेलन से पहले रैली निकाली गई। यह गांधी पार्क से राजपुर रोड-घंटाघर पलटन बाजार-धामा वाला से राजा रोड स्थित कालूमल धर्मशाला में संपन्न हुई। इसके बाद जिला सम्मेलन शुरू हुआ। कामरेड एसएस नेगी ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। प्रांतीय अध्यक्ष कामरेड राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि मोदी सरकार ने श्रमिक विरोधी चार श्रम संहिताएं लागू करने के लिए हथकंडे अपनाए। श्रमिक वर्ग विरोध न करते ये लागू हो जातीं। कहा कि ये श्रम सहिताएं मजदूरों को गुलामी की ओर धकेलती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को न्यूनतम वेतन 26000 रुपये कर देना चाहिए। इस मौके पर नई जिला कमेटी का चुनाव किया गया। इसमें अध्यक्ष एसएस नेगी और महामंत्री लेखराज चुने गए। उपाध्यक्ष कृष्ण गुनियाल, भगवंत सिंह पयाल और राम सिंह भंडारी, कोषाध्यक्ष रविन्द्र नौड़ियाल चुने गए।
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