देहरादून- होम आइसोलेशन के लिए इस ऐप में भरनी होगी डिटेल, जाने यह नए नियम

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देहरादून- उत्तराखंड में भी कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है। होम आइसोलेशन में बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों को ही रखा जाएगा। होम आइसोलेशन की अवधि 17 दिन की होगी। इसके लिए प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा गाईड लाईन जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी के मुताबिक कोरोना संक्रमित उन मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा दी जाएगी, जिनमें कोरोना के लक्षण नजर नहीं आएंगे। अंतिम दस दिनों में बुखार या अन्य कोई लक्षण न आने पर होम आइसोलेशन समाप्त किया जाएगा। इसके बाद मरीज को टेस्ट कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

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देहरादून- (बड़ी खबर) होम आइसोलेशन को मंजूरी, गाइडलाइन भी हुई जारी

मरीज कैसे होंगे होम आइसोलेट


इसके लिए संक्रमित मरीज को सबसे पहले अपने स्मार्ट फोन में स्वास्थ्य विभाग के आइसोलेशन एप dgmhuk-covid19.in/covid19.apk को डाउनलोड करना होगा और नियमित रूप से उसमें पूछी गई सभी जानकारियां भरनी होगी। एक बार आप इसमें अपनी सारी जानकारी भरदेंगे उसके बाद जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी के जरिए गठित टीम होम क्वारंटाइन की सुविधाओं का निरीक्षण करने के बाद ही मरीज को होम आइसोलेशन में भेजा जाएगा।

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पढ़े अन्य नियम

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1-उन मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा दी जाएगी, जिन्हें डॉक्टर ने इलाज के दौरान लक्षणरहित मरीज के रूप में चिन्हित किया हो।
2- 24 घंटे मरीज की देखभाल के लिए एक व्यक्ति उपलब्ध हो।
3- आइसोलेशन की अवधि के दौरान मरीज की देखभाल करने वाला व्यक्ति संबंधित चिकित्सालय के साथ संपर्क बनाकर रखेगा।
4- ऐसे मरीजों के घर पर खुद को आइसोलेट करने और परिजनों को क्वारंटाइन करने की सुविधा उपलब्ध हो। घर में मरीज के लिए शौचालययुक्त कमरा और देखभाल करने वाले के लिए अलग शौचालय की अनिवार्य रूप से हो।
5- जिन मरीजों की आयु 60 वर्ष से अधिक है या अन्य बीमारी से ग्रसित हैं, गर्भवती महिलाएं, दस साल से कम आयु के बच्चे और ऐसे रोगी जिनकी प्रतिरोधक क्षमता किसी कारण से कमजोर है उन्हें होम आइसोलेशन की सुविधा नहीं दी जाएगी।
6- देखभाल करने वाले और मरीज के नजदीकी संपर्कों को प्रोटोकॉल और उपचार करने वाले चिकित्सक के परामर्श के अनुसार हाइड्रॉक्सीक्लोरोकीन प्रोफालेक्सिस लेनी होगी।
7- फोन में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना जरूरी होगा। इस एप को ब्लूटूथ और वाई-फाई को हमेशा ऑन रखना होगा। इसके साथ ही दिन में दो बार इस ऐप में सूचना अपडेट करनी होगी। स्मार्टफोन न होने की स्थिति में नियंत्रण कक्ष के दूरभाष पर अपने स्वास्थ्य की जानकारी देनी होगी।

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