उत्तराखंड में कुत्तों का खौफ, लगातार हमलों के बाद 10 स्कूलों में चार दिन की छुट्टी

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नारायणबगड़। चमोली जिले के नारायणबगड़ बाजार और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों के हमलों से लोगों में डर का माहौल है। पिछले दो दिनों में कई लोगों को कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया। घायलों में दो स्कूली बच्चे भी शामिल हैं।

लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए क्षेत्र के 10 स्कूलों में चार दिन की छुट्टी कर दी गई है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक भी चिंतित हैं।

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जानकारी के अनुसार मंगलवार को नारायणबगड़ क्षेत्र में चार लोगों पर आवारा कुत्तों ने हमला किया था। इसके बाद बुधवार को भी एक अन्य कुत्ते ने पांच लोगों को घायल कर दिया। घायलों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया…जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए।

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घायलों में केवर गांव के बलबीर राम, नारायणबगड़ की अनीता देवी, भगोती के महेंद्र सिंह, रैंस गांव के भानुप्रकाश सहित कुछ बच्चे और अन्य लोग शामिल हैं। दो दिनों में कुत्तों के हमले से कुल नौ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई

घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। वन विभाग ने एक हमलावर कुत्ते को पकड़ लिया है। वहीं बाजार क्षेत्र में घूम रहे दो अन्य कुत्तों पर भी नजर रखी जा रही है और उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि बाजार में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हिंसक कुत्तों को पकड़कर आम लोगों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

दो स्कूली बच्चों के घायल होने के बाद उत्त्रांचल विद्या निकेतन हाई स्कूल के प्रधानाचार्य ने राजस्व उपनिरीक्षक को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि बच्चों का स्कूल आना-जाना सुरक्षित नहीं रह गया है।

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प्रधानाचार्य ने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यालय के छात्र और कर्मचारी धरना देने को मजबूर हो सकते हैं।

तहसील प्रशासन की ओर से वन विभाग और पुलिस की मदद से आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि समस्या का स्थायी समाधान किया जाए…ताकि बाजार और स्कूल जाने वाले बच्चों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

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