देहरादून: राज्य में तदर्थ प्रमोशन पाकर उच्च ग्रेड में सेवाएं देने वाले शिक्षक और कर्मचारियों के वित्तीय लाभ की एक बड़ी अड़चन दूर हो गई। ऐसे कार्मिकों के तदर्थ प्रमोशन से मौलिक प्रमोशन की अवधि के बीच की सेवाओं को भी चयन और प्रोन्नत वेतनमान के लिए जोड़ा जाएगा।
अब तक केवल मौलिक प्रमोशन और नियुक्ति के आधार पर ही चयन, प्रोन्नत वेतनमान, एसीपी और एमएसीपी का लाभ दिया जाता था। वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने इस बाबत सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने नौ मार्च 2019 से लागू व्यवस्था में संशोधन

करते हुए नई गाइड लाइन जारी की है। इस फैसले के दायरे में अकेले शिक्षा विभाग के 4400 के करीब एलटी कैडर शिक्षक आएंगे। अन्य विभागों में भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री रमेश चंद्र पैन्यूली ने सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कि नए संशोधन से शिक्षकों के चयन और प्रोन्नत वेतनमान तय करने में उनकी पूर्व की तदर्थ नियुक्ति अवधि को भी जोड़ा जाएगा। शिक्षक 10 साल की सेवा पर चयन और उसके बाद 12 साल की सेवा पर प्रोन्नत वेतनमान के हकदार होते हैं


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