देहरादून- मानदेय बढ़ोतरी, समयमान वेतनमान की मांग को लेकर उपनल कर्मचारियों ने आंदोलन के लिए कमर कस ली है। शुक्रवार को उपनल संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में उपनल कर्मचारियों ने प्रदेश के सभी जिलों में 12 फरवरी से आंदोलन की रणनीति तैयार की।
उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री विनय प्रसाद ने कहा कि कर्मचारी कभी भी आंदोलन नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार की नीतियों के कारण आंदोलन करने को मजबूर हैं। कर्मचारियों को कई-कई महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में केस विचाराधीन होने के बावजूद उपनल कर्मचारियों को सेवाओं से हटाया जा रहा है। हाईकोर्ट ने वर्ष 2018 में सरकार को सभी उपनल कर्मियों को समान कार्य समान वेतन देने, चरणबद्ध तरीके से नियमितीकरण के आदेश दिए थे। उस आदेश का पालन करने के बजाए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दी। इससे साबित होता है कि सिस्टम कर्मचारियों के प्रति कितना संवेदनहीन है। इस बार आरपार की लड़ाई की जाएगी। संयुक्त मोर्चा के साथ राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी संघ भी आंदोलन में साथ रहेगा।
दूसरी तरफ, सूत्रों के अनुसार उपनल प्रबंधन ने वर्तमान में कार्यरत कर्मचारी, मानदेय बढ़ोतरी के प्रस्ताव शासन को सौंप दिया है।
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