चूंकि राज्य सरकार का यह समाधान हो गया है कि लोकहित में ऐसा करना आवश्यक एवं समीचीन है,
अतएव, राज्यपाल, उत्तर प्रदेश अतिआवश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966 (उ०प्र० अधिनियम संख्या 30 वर्ष 1966) की धारा 3 की उपधारा (1) सपठित औद्यौगिक विवाद अधिनियम 1947 (उत्तराखण्ड राज्य में यथाप्रवृत्त) की धारा 22 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके इस अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से छः माह की अवधि के लिये उत्तराखण्ड परिवहन निगम में कार्यरत कर्मियों की समस्त सेवाओं को अत्यावश्यक सेवायें घोषित करते हुये उनकी हड़ताल आदि को निषिद्ध करते हैं।

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