चूंकि राज्य सरकार का यह समाधान हो गया है कि लोकहित में ऐसा करना आवश्यक एवं समीचीन है,
अतएव, राज्यपाल, उत्तर प्रदेश अतिआवश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966 (उ०प्र० अधिनियम संख्या 30 वर्ष 1966) की धारा 3 की उपधारा (1) सपठित औद्यौगिक विवाद अधिनियम 1947 (उत्तराखण्ड राज्य में यथाप्रवृत्त) की धारा 22 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके इस अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से छः माह की अवधि के लिये उत्तराखण्ड परिवहन निगम में कार्यरत कर्मियों की समस्त सेवाओं को अत्यावश्यक सेवायें घोषित करते हुये उनकी हड़ताल आदि को निषिद्ध करते हैं।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड : मशाल लेकर सड़कों पर उतरी महिलाएं, धामी बोले…अब चुप नहीं रहेगी नारी
हल्द्वानी : कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की जनता से अपील,जमीन एवं संपत्ति की खरीद-बिक्री में बैंक के जरिए करे भुगतान…
नैनीताल : इस अधिकारी को लापरवाही पर कारण बताओं नोटिस
नैनीताल :(बड़ी खबर) DM के निर्देश पर RTO द्वारा ताबड़तोड़ चैकिंग, हुई ये कार्रवाई
रामनगर: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भाजपा नेता राकेश नैनवाल ने की मुलाकात, वन ग्रामों की रखी समस्या
उत्तराखंड : अब पाइप से घर-घर गैस, हल्द्वानी में PNG सेवा शुरू
उत्तराखंड: जनसुनवाई में आयुक्त का बड़ा एक्शन, मौके पर ही दिलाया न्याय
उत्तराखंड मे यहाँ तेज हवाओं में मकान पर गिरा पेड़
उत्तराखंड: महिलाओं के लिए 5 लाख करोड़ का बड़ा प्रावधान, सीएम धामी ने गिनाईं उपलब्धियां
उत्तराखंड : विधानसभा में गूंजा नारी शक्ति का मुद्दा, जानिए सीएम धामी ने क्या कहा ? 

