देहरादून: “बच्चे” से 6 से 14 वय वर्ग का कोई बालक या बालिका अभिप्रेत है, परन्तु विशिष्ट आवश्यकताधारी बच्चों के लिए “बच्चे” से 6 से 18 वय वर्ग का कोई बालक या बालिका अभिप्रेत है। 06 वर्ष का अभिप्राय है कि बालक या बालिका द्वारा उस शैक्षिक सत्र के 01 जुलाई की तिथि से पूर्व 06 वर्ष की आयु पूर्णतः प्राप्त कर ली गई हो, अर्थात् 05 वर्ष पूर्ण करने के पश्चात् 12 माह की अवधि पूर्ण हो चुकी हो। वर्तमान में जिन बच्चों द्वारा प्री-स्कूल (नर्सरी, एल० के०जी०, यू०के०जी०) में प्रवेश लिया जा चुका है उन्हें, कक्षा-1 में अध्ययन की अनुमति पूर्व के वर्षों की भांति प्रदान की जायेगी तथा उनके आगे की पढ़ाई की निरन्तरता में कोई भी व्यवधान नही होगा। आगामी वर्षों में प्री स्कूल कक्षाएं संचालित करने वाले विद्यालयों के लिए यह बाध्यकारी होगा कि वे प्री-स्कूल कक्षाओं में प्रवेश हेतु न्यूनतम आयु का निर्धारण इस प्रकार करें कि केवल 06 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चे ही कक्षा-1 में प्रवेश हेतु अर्ह हों। उक्त के साथ ही दिव्यांग बच्चों हेतु विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया इस प्रकार अपनायी जायेगी कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक उनकी प्रारम्भिक शिक्षा निर्बाध रूप से पूरी हो सके।

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