मेरी मित्र! परछाई
मेरी मित्र परछाई , क्या है तुम्हारी सच्चाई
छोड़ती कभी न साथ, न करती कभी बात।
चलती हमारे साथ, पर कभी न देती हमारा साथ।।

दिन हो चाहे रात , रहती हमारे पास।
करते अगर इससे बात , तो रहती सबसे नाराज़।।
रहती हमेशा चुपचाप, क्या है इसके मन में कोई बात ?
गिरते हम दोनों साथ , तो क्यों होता घाव मेरे ही पास?
क्या है इसका राज़, क्यों रहती वो मेरे ही पास।
मैं हूँ चाहे आप, समान व्यवहार रहता सबके साथ।।
मेरी मित्र परछाई, क्या यही है तुम्हारी सच्चाई।।
कविता का शीर्षक-
मेरी मित्र! परछाई ।
नाम – आरुषि खन्ना
संपर्क जानकारी – उत्तराखंड, देहरादून, कालसी
संक्षिप्त जानकारी – मैने अपनी कविता स्वयं लिखी है मैं राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हरिपुर की कक्षा 12th की छात्रा हूँ। मुझे अपनी कविता लिखने का प्रोत्साहन मेरी हिंदी की अध्यापिका डॉ. पूर्णिमा शर्मा जी द्वारा मिला है।


अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



अल्मोड़ा में मामूली कहासुनी के बाद बुजुर्ग महिला की हत्या, बचाने आई 95 साल की मां पर भी हमला
उत्तराखंड में यहाँ लोहे के पुल पर लटका मिला युवक का शव
उत्तराखंड: सीएम धामी से मिले पैरामेडिकल छात्र, इंटर्नशिप स्टाइपेंड समेत रखीं कई मांगें
उत्तराखंड: खांसी, जुकाम और बुखार है तो बच्चों को स्कूल न भेजें
उत्तराखंड: यहां पेड़ पर चढ़ा 16 फुट लंबा विशालकाय अजगर, 6 घंटे बाद रेस्क्यू, वनकर्मियों से छूटे पसीने
उत्तराखंड: फर्जी प्रमाणपत्र से NEET में लिया लाभ तो नहीं बचेंगे! CM धामी ने दिए सख्त जांच के आदेश
उत्तराखंड: एक ही दिन मां-बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, त्रिपुरा में तैनात है फौजी पति
देहरादून: मुख्यमंत्री धामी से जिला सहकारी बैंक नैनीताल के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने की शिष्टाचार भेंट
उत्तराखंड के लोगों के लिए बड़ा अपडेट, ब्लॉक और तहसील में लगेंगे बहुउद्देशीय शिविर 
