मेरी मित्र! परछाई
मेरी मित्र परछाई , क्या है तुम्हारी सच्चाई
छोड़ती कभी न साथ, न करती कभी बात।
चलती हमारे साथ, पर कभी न देती हमारा साथ।।
दिन हो चाहे रात , रहती हमारे पास।
करते अगर इससे बात , तो रहती सबसे नाराज़।।
रहती हमेशा चुपचाप, क्या है इसके मन में कोई बात ?
गिरते हम दोनों साथ , तो क्यों होता घाव मेरे ही पास?
क्या है इसका राज़, क्यों रहती वो मेरे ही पास।
मैं हूँ चाहे आप, समान व्यवहार रहता सबके साथ।।
मेरी मित्र परछाई, क्या यही है तुम्हारी सच्चाई।।
कविता का शीर्षक-
मेरी मित्र! परछाई ।
नाम – आरुषि खन्ना
संपर्क जानकारी – उत्तराखंड, देहरादून, कालसी
संक्षिप्त जानकारी – मैने अपनी कविता स्वयं लिखी है मैं राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हरिपुर की कक्षा 12th की छात्रा हूँ। मुझे अपनी कविता लिखने का प्रोत्साहन मेरी हिंदी की अध्यापिका डॉ. पूर्णिमा शर्मा जी द्वारा मिला है।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



देहरादून :(बड़ी खबर) IFS अधिकारियों के ताबड़तोड़ तबादले, कई DFO बदले
हल्द्वानी महानगर कांग्रेस की नई कार्यकारिणी घोषित, 53 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
उत्तराखंड में मौसम बिगड़ने के आसार, CM धामी ने पूरे प्रशासन को किया अलर्ट
उत्तराखंड : आयोग ने 1632 पदों पर भर्ती का शेड्यूल जारी किया
धामी सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र का सकारात्मक जवाब, उत्तराखंड में खुल सकते हैं नए EPFO कार्यालय
उत्तराखंड: बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के घर पहुंचेंगे बीएलओ, निर्वाचन अधिकारी ने दिए विशेष निर्देश
उत्तराखंड: इस जिले में कल भारी बारिश के चलते छुट्टी घोषित
अल्मोड़ा में फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र के मामले में तीन सहायक शिक्षक निलंबित
हल्द्वानी में नैनीताल डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक में लगी आग
उत्तराखंड : भू-कानून के उल्लंघन पर नैनीताल DM की बड़ी कार्रवाई, 250 वर्ग मीटर जमीन राज्य सरकार में निहित 
