“टूटे पहाड़ के सामने ‘बलिदानी बलीनो’…लोग बोले- ये कार नहीं, भगवान का थी।
– उत्तराखण्ड के नैनीताल में सोमवार शाम गिरे विशालकाय बोल्डर को रोकने वाली गाड़ी का सर्वोच्च बलिदान(सुप्रीम सेक्रेफाइस)के बाद एक हैरान करने वाला सच भी सामने आया है। ये बलीनो गाड़ी वहां पहले भी कैंसर पीड़ित और अन्य मरीजों को सेवा देती रही है। ये गाड़ी, लुढकते बोल्डर के मार्ग में केदारनाथ की भीम शिला की तरह अडिग हो गई और इसे रोक दिया।
नैनीताल के कृष्णापुर में सोमवार शाम लगभग 6 बजे दो बड़े बोल्डर टूटकर सड़क पर खड़ी बलीनो गाड़ी और उसके पास गिर गए। बोल्डर का साइज इतना बड़ा था कि उसने गाड़ी को पूरा ढक दिया। माना जा रहा है कि बोल्डर अगर नीचे लुढकता तो कई घरों में रहने वाले सैकड़ों लोगों को जानमाल का नुकसान पहुंचाता। इस भारी भरकम बोल्डर को रोकने वाली गाड़ी का सर्वोच्च बलिदान देखने को मिला है जब उसने बोल्डर को एक इंच भी नीचे नहीं जाने दिया। श्रतिग्रस्त गाड़ी संख्या UK-02-9779 पान सिंह भाकुनी के पुत्र विनय सिंह भाकुनी के नाम पर पंजीकृत है। इसे बागेश्वर के एक प्रोफेसर से लगभग चार वर्ष पूर्व खरीदा गया था। तभी से गाड़ी परिवार और आसपास के लोगों को अस्पताल और इलाज संबंधी सेवा प्रदान कर रही है। आज गाड़ी ने अपना टोटल लॉस कराकर सैकड़ों लोगों की जान केदारनाथ की भीम शिला की तरह बचाई। लोग अब मन ही मन इस वाहन को पूज रहे हैं।
चार मई की शाम हुए हादसे में गाड़ी पूरी तरह श्रतिग्रस्त हो गई थी। इस वाहन की सेवा पड़ोसी ललित मोहन जोशी की पत्नी दीपा जोशी के दिल्ली एम्स में चल रहे इलाज के दौरान होती है। इसके अलावा पड़ोस में रहने वाली धना पाण्डे जो हार्ट की बीमार हैं, उन्हें ये गाड़ी समाजसेवा करते हुए अस्पताल लाती और ले जाती रहती है। पड़ोसी राजेश सोनकर की धर्मपत्नी को भी ये गाड़ी नैनीताल के बी.ड़ी.पाण्डे अस्पताल ले गई थी। पान सिंह भाकुनी की पत्नी मुन्नी भाकुनी को माइग्रेन और यूट्रेस की परेशानी है, जिसे इलाज के लिए ये गाड़ी रुद्रपुर अस्पताल जाती है। ऐसे कई लोग हैं जो घायल या बीमार होने पर मोटरमार्ग से लगभग 20किलोमीटर दूर इसी की मदद से अस्पताल पहुंचते हैं।
ललित मोहन जोशी ने कहा की प्रशासन ने पीड़ितों को गुफा महादेव मंदिर धर्मशाला में विस्थापित किया है। घटना के समय वो, पान सिंह भाकुनी और उनकी बहू ज्योति गाड़ी के समीप से गुजर रहे थे। पान सिंह भाकुनी ने बताया कि बोल्डर के टूटने से पहले कुछ छोटे छोटे पत्थर गिरे थे और ऊपर से धुआं सा उठ रहा था। वो अब बहुत भयभीत हैं और प्रशासन ने जल्द से जल्द इसका निराकरण करना चाहिए। भाकुनी ने कहा कि उन्हें बेशक 8 लाख का नुकसान हुआ है, लेकिन ये खुशी है कि उनकी गाड़ी ने लोगों की जान बचाई।

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