नई दिल्ली- कोरोनावायरस कोविड-19 को लेकर देशभर में टीकाकरण अभियान जोरों पर है ऐसे में लगातार अलग-अलग वैक्सीन लगाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं वैज्ञानिकों व विश्व पटल पर सामने आई है एक व्यक्ति को दो अलग-अलग कंपनियों की वैक्सीन लगाना कितना प्रभावी या दुष्प्रभाव है ।इस पर लगातार चर्चा चल रही थी, लेकिन अब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद आईसीएमआर ने नए अध्ययन के जरिए कुछ बातें स्पष्ट की हैं।
आईसीएमआर के अध्ययन से यह बात सामने आई है कि उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में गलती से 20 लोगों को अलग-अलग वैक्सीन लगने के बाद आईसीएमआर ने 18 लोगों पर शोध किया। इस शोध में एनआईबी पुणे और सिद्धार्थ नगर के सीएमओ भी जुड़े। मई से 60 से 70 दिनों तक जांच हुई, शोध में 40- 40 लोग ऐसे भी शामिल हुए जिन्हें दोनों दोनो कोविशील्ड या कोवैक्सीन की डोज लगी थी।
जिसके बाद शोध में अलग-अलग वैक्सीन की डोज लेने वाले लोगों पर एंटीबॉडी की मात्रा ज्यादा मिली। यानी संक्रमण रोकने में यह कॉकटेल ज्यादा प्रभावी रहा। यही नहीं आईसीएमआर के डॉक्टर रजनीकांत ने कहा दोनों खुराक मिलाकर देने से कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है। फिलहाल सरकार दोनो कंपनियों की वैक्सीन को मिलाकर देने की अभी कोई योजना नहीं बना रही है। लेकिन शोध में यह स्पष्ट हुआ है की कॉकटेल डोज ज्यादा प्रभावी है।

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