उत्तराखंड: पलायन रोकने के लिए धामी सरकार का बड़ा फैसला, नई चकबंदी नीति को मंजूरी

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि को मजबूत बनाने और पलायन रोकने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तराखण्ड राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक/आंशिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी दे दी गई।

सरकार का मानना है कि पहाड़ों में बिखरी हुई छोटी-छोटी जोतों के कारण खेती प्रभावित होती है। नई नीति के तहत इन जोतों को एकीकृत कर कृषि, बागवानी और सह कृषि गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने और पलायन रोकने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें 👉  धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: पहाड़, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन को लेकर कई अहम निर्णय

नीति के तहत अगले पांच वर्षों में राज्य के 11 पर्वतीय जिलों के 275 गांवों को चकबंदी योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। हर साल प्रत्येक जिले के पांच गांवों में चकबंदी का कार्य पूरा किया जाएगा।

सरकार ने इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं। केवल विवाद रहित गांवों को ही योजना में शामिल किया जाएगा। चकबंदी क्षेत्र का न्यूनतम भूमि क्षेत्र 10 हेक्टेयर होना जरूरी होगा। यदि क्षेत्र कम है तो कम से कम 25 खाताधारकों की लिखित सहमति अनिवार्य होगी।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल: दीक्षा ने किया कमाल, माता पिता का किया नाम रोशन

इस योजना में किसान आपसी सहमति से चक तैयार करेंगे और स्वयं योजना बनाकर अधिकारियों को देंगे। योजना पूरी होने के बाद किसानों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

इच्छुक किसान बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) या संबंधित परगनाधिकारी के पास आवेदन कर सकेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी :(बड़ी खबर) फिर इन प्राइवेट स्कूलों पर हुई कार्रवाई

नीति की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर उच्चाधिकार समिति (HPC) राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति और जिला स्तर पर क्रियान्वयन समिति का गठन किया गया है। सरकार तीन साल बाद इस नीति की समीक्षा भी करेगी।

सरकार का कहना है कि इस फैसले से पर्वतीय क्षेत्रों में खेती को नई दिशा मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें