देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने अग्निपथ योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार अग्निवीर योजना को तत्काल समाप्त करे और सेना में पहले की तरह नियमित सैनिक भर्ती शुरू करे। उनका कहना है कि दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार युवाओं की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं है। अग्निवीरों को नौकरी की सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य मिलना चाहिए।
यशपाल आर्य ने कहा कि केंद्र सरकार ने चार साल पहले अग्निपथ योजना लागू कर सेना में भर्ती की व्यवस्था बदल दी थी। कांग्रेस शुरुआत से ही इस योजना का विरोध कर रही है। पार्टी का मानना है कि सेना में भर्ती जैसे महत्वपूर्ण विषय पर ऐसा कोई फैसला नहीं होना चाहिए…जिससे देश की सुरक्षा और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो।
उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के पहले बैच के जवानों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। योजना के तहत करीब 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से बाहर होना है। ऐसे समय में केंद्र सरकार की ओर से दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिए जाने की बात सामने आई है। आर्य ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जवानों को छह साल तक अनिश्चितता में रखने के बजाय स्थायी नियुक्ति क्यों नहीं दी जा रही है?
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चार साल की सेवा के बाद दो साल का विस्तार देना युवाओं की चिंता दूर नहीं कर सकता। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जिस योजना को सेना में बड़ा सुधार बताया गया था उसमें अब बदलाव की जरूरत क्यों महसूस हो रही है।
यशपाल आर्य ने सेना में नियमित जवानों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि करीब सवा दो लाख पद खाली होने की बात सामने आती रही है। इसके साथ ही लगभग डेढ़ लाख ऐसे युवाओं का भविष्य भी प्रभावित हुआ है, जो सेना और वायुसेना की भर्ती प्रक्रिया में सफल होने के बाद ज्वाइनिंग का इंतजार कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने लंबे समय तक मेहनत की और शारीरिक व लिखित परीक्षाएं पास कीं। उनका सपना देश की सेवा करना था…लेकिन भर्ती व्यवस्था में बदलाव से उनका भविष्य अधर में लटक गया।
नेता प्रतिपक्ष ने अग्निवीरों की आत्महत्या से जुड़े 40 से अधिक मामलों की खबरों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सेवा की शर्तों और भविष्य की अनिश्चितता को लेकर उठ रहे सवाल गंभीर हैं। इन घटनाओं से प्रभावित परिवारों को उचित सहायता मिलनी चाहिए और मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
आर्य ने कहा कि सेना में जवानों का मनोबल और उनका भविष्य देश की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि अग्निपथ योजना लागू करने से पहले सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की सलाह और सुझावों पर कितना विचार किया गया था।
यशपाल आर्य ने केंद्र सरकार से अग्निपथ योजना खत्म कर नियमित सैनिक भर्ती बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों को स्थायी सेवा, समान अधिकार और सम्मानजनक भविष्य दिया जाए। भर्ती प्रक्रिया से प्रभावित युवाओं को न्याय मिले और सेना के खाली पदों को नियमित भर्ती के जरिए भरा जाए।
उन्होंने जवानों के लिए पेंशन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ अग्निवीरों की आत्महत्या के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की।
आर्य ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के भविष्य की जिम्मेदारी भी सरकार की है। सेना का मनोबल मजबूत रखने के लिए सैनिकों को स्थायी सेवा, सम्मान और सुरक्षा मिलना जरूरी है।

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