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उत्तराखंड: श्मशान में सूखी लकड़ियां नहीं मिली तो पिता ने डीजल और टायर जलाकर किया बेटी का अंतिम संस्कार

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श्रीनगर गढ़वाल (पौड़ी)। मानव संवेदनाओं को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक परिवार को अपनी 19 वर्षीय बेटी का अंतिम संस्कार बेहद कठिन परिस्थितियों में करना पड़ा। बताया जा रहा है कि शनिवार को युवती के निधन के बाद परिजन श्मशान घाट पहुंचे…लेकिन वहां पर्याप्त और सूखी लकड़ियों की व्यवस्था नहीं थी। जो लकड़ियां मिलीं…वे गीली थीं और कई प्रयासों के बावजूद चिता नहीं जल सकी।

परिजन करीब चार घंटे तक चिता जलाने के लिए संघर्ष करते रहे। इस दौरान पिता को अपनी बेटी के शव के पास बैठकर इंतजार करना पड़ा, जबकि पूरा परिवार बेबसी में यह सब देखता रहा। स्थिति बिगड़ने पर परिवार को मजबूर होकर बाजार से करीब 15 लीटर डीजल मंगवाना पड़ा। इसके साथ ही टायर, गद्दे, चादर और कपड़ों का सहारा लेकर किसी तरह अंतिम संस्कार पूरा किया गया।

परिजनों का आरोप है कि लकड़ी देने वाले संचालक ने पूरी कीमत लेने के बावजूद गीली लकड़ियां दीं…जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा और अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा।

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इस घटना ने श्मशान घाटों की व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि ने भी मामले को नगर निगम तक पहुंचाने की बात कही है।

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