लालकुआं: बिंदुखत्ता वनाधिकार समिति द्वारा लालकुआं तहसील प्रांगण में आयोजित एकदिवसीय धरना कार्यक्रम “चाय पर चर्चा” में सैकड़ों ग्रामीणों ने बिंदुखत्ता को जल्द राजस्व गांव घोषित करने की राज्य सरकार से मांग की।
धरना कार्यक्रम में बिंदुखत्ता के ग्रामीणों के साथ राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं, कांग्रेस और भाजपा के प्रतिनिधि, पूर्व सैनिक संगठन के सदस्य तथा मातृशक्ति ने भी भाग लिया। ग्रामीणों ने वनाधिकार कानून के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व गांव की अधिसूचना जारी करने की मांग को जोरदार स्वर में उठाया।
धरना कार्यक्रम प्रातः से दोपहर तक चला और इस दौरान लगभग तीन दर्जन वक्ताओं ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में उमेश भट्ट, कविराज सिंह धामी, बलवंत सिंह बिष्ट, श्याम सिंह रावत, नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी, कांग्रेसी नेता हरेंद्र बोरा, संध्या डालाकोटी, कुंदन चुफाल, हेमवती नंदन दुर्गापाल और अन्य शामिल थे।
धरने के बाद ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित किया और उसकी प्रति उप जिलाधिकारी को सौंपी गई। ग्रामीणों का कहना है कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने में जल्द कदम उठाए जाएं ताकि क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक सुविधाओं को शीघ्र सुनिश्चित किया जा सके।
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