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उत्तराखंड: शराब के खिलाफ सड़कों पर उतरीं महिलाएं… 12 KM पैदल चलकर दी सरकार को खुली चुनौती

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रुद्रप्रयाग से एक मजबूत सामाजिक संदेश देने वाली तस्वीर सामने आई है…जहां महिलाओं ने नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए लंबी पैदल रैली निकाली।

प्रदेश में एक ओर जहां नई शराब की दुकानों को लेकर चर्चाएं तेज हैं वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं नशा मुक्ति को लेकर खुलकर सामने आ रही हैं। त्रियुगीनारायण गांव की महिलाओं ने संगठित होकर त्रियुगीनारायण से सोनप्रयाग तक करीब 12 किलोमीटर की पैदल रैली निकाली।

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रैली के दौरान महिलाओं का जोश देखने लायक था। हाथों में तख्तियां लेकर वे पूरे रास्ते नशे के खिलाफ नारे लगाती रहीं और लोगों को जागरूक करती नजर आईं। इस पहल का मकसद साफ था….समाज को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत करना और खासकर युवाओं को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना।

महिलाओं ने यात्रा मार्गों पर बढ़ रही अवैध शराब की बिक्री पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालु त्रियुगीनारायण से होकर गुजरते हैं, ऐसे में इस तरह की गतिविधियां आस्था को ठेस पहुंचाती हैं और गलत संदेश देती हैं।

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उन्होंने प्रशासन से मांग की कि 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले यात्रा मार्गों पर सख्त कार्रवाई की जाए…ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

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रैली में शामिल विशेश्वरी देवी भट्ट ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं पूरे परिवार और समाज को कमजोर करता है। उन्होंने सभी से इस मुहिम में जुड़ने और युवाओं को सही दिशा देने की अपील की।

महिलाओं ने संकल्प लिया कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा…बल्कि गांव-गांव तक पहुंचाकर नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

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