देहरादून: अब शाम के पीक आवर्स में यूपीसीएल को महंगी बिजली खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य में जल्द ही ऐसी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगेगी जिसमें सस्ती बिजली जमा कर रखी जाएगी। इसे उपयोग में लाकर यूपीसीएल महंगे बाजार दामों से बच सकेगा और बिजली की कीमतों में भी कमी आएगी।
इसके लिए नियामक आयोग ने “यूईआरसी (नवीकरण ऊर्जा स्त्रोत तथा गैर जीवाश्म ईंधन आधारित सह उत्पादक स्टेशनों से विद्युत आपूर्ति हेतु शुल्क एवं अन्य निबंधन) द्वितीय संशोधन विनियम 2025 का ड्राफ्ट जारी कर सुझाव आमंत्रित किए हैं। पुराने नियम 2023 में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं ताकि इस नई व्यवस्था को लागू किया जा सके।
राज्य की कंपनियां जैसे यूजेवीएनएल और यूपीसीएल इस बैटरी स्टोरेज सिस्टम को लागू करने की योजना बना रही हैं। नियमों के अनुसार यूपीसीएल ही इन बैटरियों की निविदा निकालेगा और यह तय करेगा कि सिस्टम व्यावहारिक और कारगर है या नहीं।
नए नियमों में स्टोरेज सिस्टम लगाने वालों को टैरिफ पर प्रति यूनिट पांच पैसे का भुगतान किया जाएगा…जो पहले आठ पैसे था। इसका सीधा फायदा आम जनता को होगा क्योंकि इससे बिजली की कीमतें सस्ती होंगी।
यूपीसीएल दिन में सस्ती बिजली खरीदेगा और उसे बैटरी में स्टोर करेगा। शाम के पीक टाइम में जब बिजली की मांग और दाम दोनों बढ़ जाते हैं, तब ये स्टोर की गई बिजली इस्तेमाल की जाएगी। इससे बिजली की कीमत लगभग पांच रुपये प्रति यूनिट तक रहेगी, जबकि बाजार में ये दाम 12 रुपये तक पहुंच जाते हैं।

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