cm dhami

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी ने किया श्रमिक प्रशिक्षण पोर्टल का शुभारंभ

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCW), श्रम विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा विकसित श्रमिक प्रशिक्षण प्रबंधन प्रणाली (Training Management System – TMS) का औपचारिक शुभारंभ किया। यह डिजिटल पोर्टल पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके आश्रित परिवारजनों के कौशल विकास को पारदर्शी, प्रभावी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम अब पूर्णतः ऑनलाइन और पारदर्शी होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के बाद श्रमिकों के सर्वांगीण विकास और अन्य आवश्यकताओं पर भी प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही राज्य के उद्यमियों से नियमित फीडबैक लेकर प्रशिक्षण को रोजगार से और बेहतर जोड़ा जाएगा।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  विधानसभा चुनाव 2027 के लिए नैनीताल प्रशासन ने कसी कमर, 164 अधिकारियों को सौंपी चुनावी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार प्लंबर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन आदि व्यवसायों में प्रशिक्षण पर विशेष जोर देने का निर्देश दिया…ताकि स्थानीय आवश्यकताओं को स्थानीय श्रमिकों के माध्यम से पूरा किया जा सके और रोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने प्रशिक्षणोपरांत फॉरवर्ड लिंकज (Forward Linkage) मजबूत करने पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में 9.99 लाख लोगों के खाते में पहुंचे 148 करोड़, CM धामी ने जारी की पेंशन

श्रम विभाग के सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दंकी ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी योजनाओं को अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर श्रमायुक्त पी.सी. दुमका ने पोर्टल की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि TMS के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदाता, मूल्यांकनकर्ता, प्रशिक्षण केंद्र और प्रशिक्षकों का चयन संपूर्णतः ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपस्थिति और मूल्यांकन भी डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड की सरकारी जमीनों को लेकर कांग्रेस का हल्लाबोल, HMT रानीबाग में धरने पर बैठे नेता

TMS पोर्टल से प्राप्त लाभ:

प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

डुप्लीकेसी की प्रभावी रोकथाम होगी।

प्रशिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होगा।

प्रशिक्षित श्रमिकों का केन्द्रीयकृत डाटाबेस उपलब्ध होगा।

प्रशिक्षण प्रदाताओं और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

ADVERTISEMENTSAd
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें