उत्तराखंड: यहां झांकी पर मुकदमे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश, कोतवाली में किया प्रदर्शन!

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झांकी पर मुकदमे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश, कोतवाली में किया प्रदर्शन!

जन्माष्टमी के मौके पर लगाई गई लव जिहाद की झांकी को लेकर रामनगर में सियासी घमासान तेज हो गया है,झांकी लगाने वाले भाजपा कार्यकर्ता राजू रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद देर रात भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा पुलिस प्रशासन पर फूट पड़ा,खास बात यह रही कि प्रदर्शन करने वालों में भाजपा के नगर मंडल से लेकर ग्रामीण मंडल के पदाधिकारी, पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष, किसान आयोग सदस्य और पूर्व दर्जा राज्यमंत्री तक शामिल रहे. बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता रामनगर कोतवाली पहुंचे और पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया.

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भाजपा कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार के नेता लगातार लव जिहाद जैसे मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते रहे हैं, तो उसी विषय पर भाजपा के एक कार्यकर्ता द्वारा झांकी लगाए जाने पर उसके खिलाफ मुकदमा क्यों दर्ज किया गया? भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन के कहने पर झांकी तत्काल हटा दी गई थी, इसके बावजूद मुकदमा दर्ज किया जाना समझ से परे है.


मुकदमे की जानकारी मिलने के बाद नगर मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, किसान आयोग सदस्य संजय डोर्वी , पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष भावना भट्ट, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री दिनेश मेहरा समेत दर्जनों कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए, कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया.
भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती ने कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ता के साथ खड़ी है,उनका कहना है कि जन्माष्टमी के अवसर पर राजू रावत ने झांकी लगाई थी,शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से जब झांकी हटाने के लिए कहा गया तो राजू रावत ने प्रशासन का सम्मान करते हुए करीब 15 मिनट के भीतर झांकी हटा दी, भाजपा नेताओं का आरोप है कि जब झांकी हटा दी गई थी, तब मामला वहीं समाप्त किया जा सकता था, लेकिन इसके बाद भी राजू रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया.

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भाजपा नगर अध्यक्ष भूपेंद्र खाती ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि झांकी में कुछ आपत्तिजनक था तो प्रशासन उसे हटवा सकता था और कार्यकर्ता ने उसे हटा भी दिया। ऐसे में मुकदमा दर्ज करने की जरूरत क्यों पड़ी, भूपेंद्र खाती ने नैनीताल एसएसपी की शिकायत मुख्यमंत्री से किए जाने की बात कही,और झांकी को सही ठहराया.
यह सवाल भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.


पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष भावना भट्ट ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि संगठन को मामले की जानकारी दिए बिना सीधे मुकदमा दर्ज किए जाने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है, उनका कहना है कि यदि झांकी में कोई आपत्तिजनक सामग्री थी तो पहले उसे हटवाया जा सकता था, संबंधित कार्यकर्ता से स्पष्टीकरण लिया जा सकता था या आवश्यकता पड़ने पर माफीनामा भी लिया जा सकता था

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भाजपा नेताओं का आरोप है कि राजू रावत ने प्रशासन के निर्देश पर झांकी तत्काल हटा दी थी और यदि उनसे कोई गलती हुई थी तो वह उसे स्वीकार करने के लिए भी तैयार थे, इसके बावजूद मुकदमा दर्ज किए जाने को भाजपा कार्यकर्ता कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं,उन्होंने मामले को लेकर एसएसपी नैनीताल की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात भी कहीं और उन्होंने झांकी को सही ठहराया.


वहीं भाजपा नगर महामंत्री नवीन करगेती ने तो सीधे पुलिस कार्रवाई पर ही सवाल खड़े कर दिए, उन्होंने कहा कि जब प्रशासन को झांकी की जानकारी मिली तो राजू रावत को फोन किया गया और उन्होंने तत्काल अपनी झांकी और स्टॉल हटा दिया,इसके बावजूद रातों-रात मुकदमा दर्ज किए जाने की जरूरत क्यों पड़ी, इसकी जांच होनी चाहिए.
नवीन करगेती ने सवाल उठाया कि जब भाजपा के नेता और सरकार लव जिहाद जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं, तो भाजपा का कार्यकर्ता उसी मुद्दे पर झांकी लगाता है तो उसके खिलाफ मुकदमा क्यों? उन्होंने कहा कि आखिर मुकदमा किसके कहने पर और किस स्तर से दर्ज किया गया, यह स्पष्ट होना चाहिए.


भाजपा नेताओं की नाराजगी का सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि जब सरकार और पार्टी के नेता किसी मुद्दे पर बोलते हैं, तो उसी मुद्दे पर पार्टी का कार्यकर्ता बोलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों? कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जिस मुद्दे को लेकर अपनी नीतियों और बयानों में सख्त रुख अपनाती है, उसी मुद्दे पर कार्यकर्ता द्वारा झांकी लगाए जाने पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
देर रात तक भाजपा कार्यकर्ता कोतवाली में मौजूद रहे,इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई, भाजपा नेताओं ने कहा कि मामला अब सिर्फ एक कार्यकर्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि प्रशासनिक कार्रवाई किस आधार पर और किसके निर्देश पर की गई.

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भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामले को पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा, जरूरत पड़ने पर प्रदेश संगठन और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की शिकायत की जाएगी।
हालांकि पूरे मामले में पुलिस की ओर से मुकदमे की धाराओं, कार्रवाई के आधार और झांकी को लेकर सामने आई शिकायत पर विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है,पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मुकदमा किन आरोपों और किन कानूनी प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया।


फिलहाल जन्माष्टमी की झांकी से शुरू हुआ विवाद अब भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। सबसे अहम बात यह है कि विरोध करने वालों में भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी से लेकर पूर्व दर्जा राज्यमंत्री तक शामिल रहे और कार्यकर्ताओं ने अपनी ही सरकार के दौर में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कोतवाली पहुंचकर प्रदर्शन किया!

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