यह वह दौर था जब बेलबॉटम पैंट्स चलती थी अमिताभ बच्चन के वह गाने और लंबी चौड़ी बेलबॉटम वाली पेंट का फैशन हर किसी युवा तुर्क की पहली प्राथमिकता रहती थी, यही नहीं गले में बाधा हुआ रूमाल और उस दौर का टशन शायद आज नहीं दिखता? यह वह दौर था जब हिंदी फिल्मों की कैसेट के आदान-प्रदान में कोई दया भाव नहीं दिखाया जाता था, एक हाथ दो और दूसरे हाथ लो इस परंपरा का निर्वहन युवा खासकर हिंदी फिल्मों के गानों की कैसेट और उस दौर में फेमस उपन्यास वर्दी वाला गुंडा या फिर परमाणु और सुपर कमांडो ध्रुव की कॉमिक्स पर डील किया करते थे।

अल्प मात्रा में मिलने वाले टेप रिकॉर्डर और प्रचुर मात्रा में घरों में उपलब्ध रेडियो युवाओं के संगीत का एकमात्र साधन और उस संगीत की कल्पना में अपनी दुनिया को चरितार्थ करने की अभिलाषा उसी दौर में हुआ करती थी, जब प्रेमी प्रेमिका के दर्शन के लिए महीनों घर के दरवाजे के चक्कर काटता रहता था वह भी एक तरफा? यह दौर वह भी था, कि छोटी सी गलती में घर और स्कूल दोनों में सारिक ढांचे की बनावट बिगाड़ने की पूरी छूट थी, आज वो दौर तो नहीं, लेकिन बस उस दौर की यादें हैं जो यह याद दिलाने को काफी हैं कि वह भी क्या दौर था, पुरानी यादों के इस एपिसोड में आज हिंदी फिल्मों के उन कैसेट की जिनकी सबसे ज्यादा डिमांड होती थी, गमजदा युवाओं की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली हिंदी फिल्म की कैसेट “दिलवाले” की थी। जिसे अक्सर उस समय के ड्राइवर अपनी गाड़ियों में अपने कीमती सामान से भी ज्यादा संभाल कर रखते थे इसके अलावा गोविंदा की फिल्मों के गीत हर किसी की जुबान पर रहते थे उस दौर में अनाड़ी फिल्म का वह गीत “फूलों सा चेहरा तेरा, कलियों सी मुस्कान है” हर बारात में भजन के गीत के बाद सबसे पहले लगने वाला गाना हुआ करता था, युवाओं के थिरकने के लिए दिलेर मेहंदी या फिर शादी में बजने वाला बैंड कि वह धुन “जूली जूली” वही काफी थी जो आज भी चल रही है।
अल्ताफ राजा के वह गीत शायरी के साथ उस दौर में गम के समुंदर में डूबने को काफी थे, तब के गीत रिलीज होने के बाद उन फिल्मों के सुपर डुपर हिट होने का अंदाजा पहले ही लगा लिया करते थे। टेप रिकॉर्डर के साथ कैसेट की संपत्ति का महत्व सड़कों के किनारे रहने वाले वह बंजारे भी जानते थे जो हर हफ्ते अपना ठिकाना बदलते लेकिन अपने साथ टेप रिकॉर्डर और रेडियो हमेशा रखा करते थे, आज के पुरानी यादों के एपिसोड में बस इतना ही। अगला एपिसोड पुरानी यादों का जल्द आपके बीच में होगा।

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2 thoughts on “यह वह दौर था जब गाने की कैसेट को ऐसे संभाल कर रखा जाता था…”
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आपने दो दौर मिक्स कर दिए, शुरुआत तो बेलबॉटम औऱ आमिताभ से की लोकिन फिर आप 90 के दौर पर ही फोकस हो गए।
abhi chalte rhega